बाराबंकी। कलेक्ट्रेट स्थित लोकसभागार में जनपद के समस्त विभागों के जन सूचना अधिकारियों एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों के साथ राज्य सूचना आयुक्त उत्तर प्रदेश मोहम्मद नदीम नें बैठक की। उन्हों विभागों में जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त होने वाले ऑफलाइन व ऑनलाइन आवेदन पत्र के समयबद्ध निस्तारण के संबंध में जिले का हाल जाना। बैठक में जनपद के विभागों के प्रथम अपीलीय अधिकारियों के पास सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत माह मार्च 2026 तक ऑफलाइन व ऑनलाइन पंजीकृत प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। राज्य सूचना आयुक्त आयुक्त ने प्रेसवार्ता में बताया कि बाराबंकी सबसे निराश करने वाला जनपद है। यह जिला जन शिकायतों के निस्तारण में सबसे पिछड़ा जनपद है। इस दौरान उन्होंने बताया, आज जिले में 129 जन सूचना अधिकारी के साथ बैठक हुई। बैठक में पता चला अलग-अलग विभागों के 129 मामले आयोग में लंबित चल रहे है। दो वर्षाे में 50 हजार मामले आए है। 20 हजार से ज्यादा केस द्वितीय अपील में लंबित चल रहे है। जिले में सूचनाएं नहीं मिलने से लोग आयोग पहुंच रहे है।read more:https://pahaltoday.com/mohsina-kidwai-was-a-leading-leader-in-the-countrys-politics-rajnath/ उन्होंने बताया कि जिले जन सूचना अधिकारियों को इसके कानून की ठीक से जानकारी नहीं है। द्वितीय अपील और शिकायत में क्या फर्क होता है बता नहीं पाए। अगर विभाग से जुड़ी सूचना नहीं है तो कितने दिनो में अतिरिक्त कर देना होता, नही बता पाए। विभाग से सम्बंधित सूचना नहीं होने के सवाल का कोई जवाब नहीं मिला। किसी नें अधिनियम का पन्ना पलटने की कोशिश नहीं की है। केस लंबित क्यों चल रहे है उनको जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया की सरकार और नियुक्त अधिकारी को ये सूचना भेजेंगे। सूचना के अधिकारी नियम का पालन होना चाहिए नहीं तो दंड दिया जाएगा। वहीं गुरुवार शाम को राज्य सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम ने रामसनेहीघाट तहसील का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अभिलेखों की जांच की और एक रजिस्टर में आवेदन दर्ज करने के वर्ष में त्रुटि पाई, जिस पर संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया। आयुक्त ने तहसील में बेहतर व्यवस्थाओं के लिए एसडीएम अनुराग सिंह की सराहना भी की। तहसील में लगाए गए बोर्ड, चार्ट और अन्य व्यवस्थाओं को देखकर आयुक्त ने उपजिलाधिकारी अनुराग सिंह की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की व्यवस्थाएं आमजन को जानकारी प्राप्त करने में सहायक होती हैं। तहसील निरीक्षण से पहले, आयुक्त ने बनीकोडर ब्लॉक का भी निरीक्षण किया था, जहां नायब तहसीलदार उमेश द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।