नई दिल्ली। डॉ. भीम राव अम्बेडकर महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय में विश्व श्वेत छड़ी सुरक्षा दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का विषय था—“श्वेत छड़ी: स्वतंत्रता, गतिशीलता और समावेशन का प्रतीक।”प्राचार्य प्रो. सदा नंद प्रसाद ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को सभी विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, सुगम और बाधारहित वातावरण सुनिश्चित करना चाहिए।प्रो. दीपाली जैन ने कहा कि वास्तविक समावेशन वही है, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानपूर्वक और स्वतंत्र रूप से भागीदारी का अवसर मिले। उन्होंने विद्यार्थियों को WhatsApp हैकिंग, संदिग्ध लिंक, OTP साझा न करने, टू-स्टेप वेरिफिकेशन तथा साइबर धोखाधड़ी से बचाव के बारे में भी जागरूक किया।डॉ. राजबाला गौतम ने दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशील एवं सहयोगपूर्ण व्यवहार विकसित करने के साथ-साथ डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने पर बल दिया।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignetteप्रो. पूनम ने कहा कि स्पष्ट दिशा-संकेत, बाधारहित रास्ते और सुगम प्रवेश एक समावेशी परिसर की महत्वपूर्ण आवश्यकता हैं।डॉ. सुनीता ने श्वेत छड़ी को दृष्टिबाधित व्यक्तियों की स्वतंत्रता, आत्मविश्वास और सुरक्षित गतिशीलता का महत्वपूर्ण साधन बताया।कार्यक्रम में श्वेत छड़ी के उपयोग का प्रत्यक्ष प्रदर्शन, विद्यार्थियों की सहभागिता तथा परिसर का सुगम्यता अवलोकन भी किया गया। साथ ही विद्यार्थियों को WhatsApp एवं साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सावधानियों और आपातकालीन सहायता उपायों की जानकारी दी गई।अंत में सभी ने महाविद्यालय को अधिक सुगम, सुरक्षित, साइबर-सजग और समावेशी बनाने का संकल्प लिया।