बड़हलगंज,गोरखपुरः18 मार्च 2026। उत्तर प्रदेश शासन के राहत आयुक्त कार्यालय के निर्देश पर जनपद गोरखपुर में सर्पदंश (सांप काटने) की घटनाओं को कम करने और समय पर प्रभावी उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से व्यापक सर्पदंश न्यूनीकरण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को विकास खंड बड़हलगंज स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) सभागार में आशा कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता अधीक्षक डॉ. श्रवण कुमार तिवारी ने की। उनके नेतृत्व में कुल 84 आशा कार्यकर्ताओं को सर्पदंश से बचाव, प्राथमिक उपचार और जन-जागरूकता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।read more:https://khabarentertainment.in/major-action-against-illegal-hospitals-in-mihipurwa-city-area/ प्रशिक्षण के दौरान आशाओं को बताया गया कि सर्पदंश की स्थिति में घबराने के बजाय त्वरित और सही कदम उठाना जीवन रक्षक साबित हो सकता है। उन्हें विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने के लिए प्रशिक्षित किया गया, जिसमें सांप काटने पर झाड़-फूंक जैसी भ्रांतियों से बचने, मरीज को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने, प्रभावित अंग को स्थिर रखने तथा समय पर एंटी-वेनम उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।आपदा कार्यालय द्वारा नामित मास्टर प्रशिक्षक अमित कुमार साहनी ने प्रशिक्षण को सरल एवं व्यावहारिक ढंग से संचालित किया। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि शुरुआती देखभाल और सही समय पर उपचार से सर्पदंश पीड़ित की जान बचाई जा सकती है।read more:https://khabarentertainment.in/free-medical-camp-for-cleft-lip-and-palate-patients-in-kaiserganj/ यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जा रहा है। पहले चरण में जनपद के सभी चिकित्सा अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया, जबकि दूसरे चरण में स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारियों और फार्मासिस्टों को प्रशिक्षण दिया गया। अब तीसरे चरण में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ-साथ आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर इस अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।कार्यक्रम में बीसीपीएम राजेश कुमार राजभर सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी मौजूद रहे।जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मीडिया सेल के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य सर्पदंश से होने वाली मृत्यु दर में कमी लाना और ग्रामीण क्षेत्रों में त्वरित व प्रभावी चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करना है। आने वाले दिनों में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम अन्य विकास खंडों में भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।