गाजीपुर जमानियां । ईद का त्योहार नजदीक आते ही क्षेत्र के बाजारों में रौनक लौट आई है और बाजार गुलजार हो गए हैं। रमजान माह का पखवाड़ा बीतने के साथ ही रोजेदार शाम ढलते ही इफ्तार के बाद कपड़ों, सेवइयों और अन्य जरूरी सामानों की खरीदारी के लिए घरों से निकल रहे हैं। इससे बाजारों में देर रात तक चहल-पहल बनी रह रही है।नगर के पुरानी सट्टी और महाल बाजार में ईद की खरीदारी को लेकर लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखी जा रही है। दुकानों पर सेवइयां, खजूर, कपड़े और अन्य खाद्य सामग्री की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। मुस्लिम समुदाय के लोग अपने मनपसंद नए कपड़े और पारंपरिक परिधानों की खरीदारी कर रहे हैं। इसके साथ ही ईद के विशेष व्यंजन बनाने के लिए सेवई और खजूर की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ लगी हुई है।read more :https://khabarentertainment.in/discussion-on-the-proposal-to-develop-the-11-80-km-long-track-of-mathura-vrindavan-railway-line-into-a-four-lane-road/
इसके अलावा लोग उपहार, बच्चों के कपड़े और घरों की सजावट का सामान भी खरीद रहे हैं। पुरानी सट्टी बाजार और स्टेशन बाजार में शाम ढलते ही रौनक बढ़ जाती है और देर रात तक खरीदारी का सिलसिला जारी रहता है। हर तरफ खुशी और उत्साह का माहौल दिखाई दे रहा है, क्योंकि मुस्लिम बंधु पवित्र त्योहार की तैयारियों में जुटे हुए हैं। यह खरीदारी ईद के दिन तक जारी रहने की उम्मीद है।वहीं माह-ए-रमजान के अंतिम चरण में मस्जिदों की साफ-सफाई और सजावट का कार्य भी तेज हो गया है। मस्जिद कमेटियों द्वारा मस्जिदों को झालर, रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया जा रहा है।शाही जामा मस्जिद के इमाम हाफिज तौहीद रजा और सेक्रेटरी तनवीर रजा तथा नूरी मस्जिद लोदीपुर के इमाम हाफिज कारी असरफ करीम कादरी ने बताया कि रमजान के आखिरी जुमे यानी अलविदा जुमे पर मस्जिदों में विशेष रौनक रहती है। इसको देखते हुए मस्जिदों की साफ-सफाई, कालीन बिछाने और रोशनी की विशेष व्यवस्था की जा रही है।उन्होंने बताया कि नमाजियों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए मस्जिदों के अंदर और बाहर नमाज के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं। मस्जिदों के गुंबदों, मीनारों और आसपास के रास्तों को आकर्षक लाइटों से सजाया जा रहा है। साथ ही मस्जिद परिसर को इत्र और अगरबत्ती की खुशबू से सुगंधित किया जाता है तथा प्रवेश द्वार और इबादत कक्ष को फूलों से सजाया जाता है।अलविदा जुमे के दिन बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने पहुंचते हैं। यह दिन विशेष इबादत, कुरान की तिलावत और दुआओं के लिए बेहद अहम माना जाता है, जिसे लोग पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाते हैं।