कायमगंज /फर्रुखाबाद
कायमगंज क्षेत्र में कस्तूरबा गांधी स्कूल के पास कपड़ा फेरी वाले से चार लाख रुपये लूट की सनसनीखेज सूचना आखिरकार पुलिस जांच में झूठी निकली। पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि फेरी लगाने वाले युवक ने कर्ज से बचने और रुपये हड़पने की नीयत से खुद ही लूट की कहानी गढ़ दी थी। अब पुलिस उसके खिलाफ झूठी सूचना देने के मामले में विधिक कार्रवाई कर रही है।बताया गया कि रविवार 15 मार्च को डायल 112 पर सूचना दी गई थी कि लालबाग से नकदी लेकर घर लौट रहे कपड़ा फेरी वाले को बाइक सवार दो बदमाशों ने कस्तूरबा गांधी स्कूल के पास टक्कर मारकर गिरा दिया और मारपीट कर चार लाख रुपये से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए।read more:https://khabarentertainment.in/ramadan-is-a-message-of-helping-the-poor-and-everyones-participation-in-the-joys-of-eid-is-essential/ प्रकरण में क्षेत्र के गांव कुबेरपुर निवासी उवैद ने बताया था कि वह कपड़े की फेरी लगाता है। वह लालबाग स्थित फैजुल कपड़े की दुकान से चार लाख रुपये लेकर घर लौट रहा था, जिसे उसे कुबेरपुर निवासी शानू को देना था। इसी दौरान रास्ते में बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। घटना की सूचना पर सीओ राजेश कुमार द्विवेदी, प्रभारी निरीक्षक मदन मोहन चतुर्वेदी तथा कस्बा चौकी इंचार्ज सोमवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना कर पीड़ित व उसके भाई से पूछताछ की। हालांकि जब पुलिस ने मामले की गहराई से जांच की और आसपास के साक्ष्य खंगाले, तो कहानी में कई विरोधाभास सामने आए। सख्ती से पूछताछ करने पर उवैद ने स्वीकार कर लिया कि वह कर्ज में डूबा हुआ था और रकम हड़पने के लिए उसने लूट की झूठी कहानी गढ़ी थी। क्षेत्र में ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं थी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि चार लाख रुपये की लूट की सूचना पूरी तरह असत्य, भ्रामक और निराधार पाई गई है। कोतवाली कायमगंज में झूठी सूचना देने वाले के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।