मोहित मिश्रा नसीराबाद/रायबरेली- जनपद के नसीराबाद थाना क्षेत्र में घर में घुसकर मारपीट, छेड़खानी और धारदार हथियार से हमला किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की चर्चा भी है। मामले में पीड़ित पक्ष ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।मिली जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के पूरे निहाली दुबे गांव निवासी लोकेश पुत्र शिवकुमार ने थाना नसीराबाद में दिए गए प्रार्थना पत्र में गांव के ही दुर्गेश पुत्र अनंत राम, राघवेंद्र दुबे, अनंत राम, शैलेन्द्र दुबे और अनिरुद्ध मिश्रा पर घर में जबरन घुसकर गाली-गलौज व मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़ित के मुताबिक आरोपियों ने विरोध करने पर उसके साथ हाथापाई की और इस दौरान उसकी बहन को जबरन खींचकर अपने घर ले जाने की कोशिश भी की। पीड़ित का आरोप है कि जब उसने और उसकी माता गीता द्विवेदी ने इसका विरोध करते हुए बहन को बचाने का प्रयास किया तो हमलावरों ने उन पर भी हमला कर दिया और बेरहमी से मारपीट की। लोकेश का कहना है कि मारपीट के दौरान धारदार हथियार का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि घटना के दौरान का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर पीड़ित परिवार के साथ मारपीट होती दिखाई दे रही है।read more:https://pahaltoday.com/shrimad-bhagwat-katha-started-with-kalash-yatra/
हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। पीड़ित के अनुसार घटना के तुरंत बाद डायल 112 पर सूचना दी गई, जिसके बाद वह थाना नसीराबाद पहुंचा और लिखित शिकायत भी दी। लेकिन उसका आरोप है कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पुलिस ने शनिवार का हवाला देते हुए तत्काल डाक्टरी कराने के बजाय सोमवार को मेडिकल कराने की बात कहकर उसे वापस भेज दिया। पीड़ित का कहना है कि उस समय उसके शरीर से खून भी बह रहा था। पीड़ित परिवार का आरोप है कि शिकायत दिए जाने के बावजूद अभी तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे उनके मन में भय और असुरक्षा की भावना बनी हुई है। घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में भी चर्चा का माहौल है। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि नसीराबाद थाना क्षेत्र में समय-समय पर विवाद और मारपीट की घटनाएं सामने आती रहती हैं, लेकिन कई मामलों में समय पर प्रभावी कार्रवाई न होने से असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।इस मामले को लेकर थाना नसीराबाद के प्रभारी निरीक्षक से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी।