चुनार (मिर्जापुर)। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विश्राम सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा “एक जनपद एक उत्पाद योजनारू आत्मनिर्भर भारत की ओर एक कदम” विषय पर आयोजित द्विदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का प्रथम दिवस अत्यंत गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर डॉ माधवी शुक्ला, मुख्य अतिथि प्रोफेसर विवेक पांडेय, प्राचार्य, हंडिया पी जी कॉलेज हंडिया, विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर राकेश कुमार तिवारी, प्रोफेसर , अर्थशास्त्र विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी द्वारा पारंपरिक रीति से माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात छात्र-छात्राओं निहारिका , रोशनी , जाह्नवी आदि के द्वारा सरस्वती वंदना, मंगलाचरण एवं मनमोहक स्वागत गीत एवं मंगलाचरण गीत प्रस्तुत किया गया, जिससे सभागार भक्ति एवं उत्साह के वातावरण से ओत-प्रोत हो गया। इसके उपरांत महाविद्यालय का कुलगीत प्रस्तुत किया गया, जिसने संस्थान की गौरवशाली परंपरा का भावपूर्ण परिचय कराया।उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि प्रोफेसर विवेक पांडेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि “एक जनपद एक उत्पाद”योजना स्थानीय कला, शिल्प एवं उद्योगों को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर राकेश कुमार तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा संस्थानों को कौशल विकास एवं उद्यमिता के साथ जोड़ना समय की आवश्यकता है, जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें।कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर डॉ. माधवी शुक्ला ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में संगोष्ठी की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में नवाचार, आत्मनिर्भरता एवं स्थानीय संसाधनों के प्रति जागरूकता विकसित करते हैं।