गुरुग्राम, हरियाणा में युवाओं को बदलती औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान करने और उन्हें रोजगार तथा उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। गुरुग्राम यूनिवर्सिटी, सेक्टर-51 में स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट (SJHIFM) द्वारा हरियाणा स्किल डेवलपमेंट मिशन (HSDM) के लिए तैयार की गई ‘स्किल गैप स्टडी रिपोर्ट’ का लोकार्पण मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने किया। कार्यक्रम में युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता मंत्री श्री गौरव गौतम विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।रिपोर्ट प्रदेश में युवाओं के मौजूदा कौशल और उद्योगों की वर्तमान एवं भविष्य की जरूरतों के बीच मौजूद अंतर को समझने का आधार उपलब्ध कराएगी। इसके माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक रोजगारपरक बनाने, नए पाठ्यक्रमों की जरूरत पहचानने और युवाओं को उभरते रोजगार क्षेत्रों के लिए तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री बोले- कौशलयुक्त युवा विकसित हरियाणा की मजबूत आधारशिला
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उद्योगों की जरूरतें और तकनीक तेजी से बदल रही हैं। ऐसे में युवाओं को नई तकनीकों और आधुनिक कार्यक्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ‘स्किल गैप स्टडी रिपोर्ट’ हरियाणा में कौशल विकास की आगामी रणनीति को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण आधार बनेगी।उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल प्रशिक्षण देने तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार, अप्रेंटिसशिप, स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ना है। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने तथा आईटीआई में रोजगारपरक एवं आधुनिक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।read more:https://pahaltoday.com/ballia-police-receive-two-modern-interceptor-bikes-sp-omvir-singh-flags-them-off/
गौरव गौतम के विभागीय फोकस में कौशल से रोजगार तक की पूरी कड़ी
युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि प्रदेश में कौशल विकास की दिशा अब केवल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रशिक्षण को रोजगार और रोजगार को उद्यमिता से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।श्री गौतम ने कहा कि ‘स्किल गैप स्टडी रिपोर्ट’ का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि उद्योगों को किस तरह के कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता है और युवाओं को किस प्रकार के प्रशिक्षण की जरूरत है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर कौशल विकास कार्यक्रमों को अधिक व्यावहारिक और उद्योग-उन्मुख बनाने में मदद मिलेगी।मंत्री ने विभागीय स्तर पर चल रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं के लिए नियमित रोजगार मेलों, आधुनिक तकनीक आधारित पाठ्यक्रमों, आईटीआई की मशीनरी के अपग्रेडेशन और नए स्किल सेंटरों पर विशेष फोकस किया जा रहा है। उनका जोर इस बात पर है कि प्रशिक्षण संस्थानों में उपलब्ध सुविधाएं और पाठ्यक्रम सीधे उद्योगों की मांग से जुड़े हों, ताकि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवाओं के सामने रोजगार के वास्तविक अवसर उपलब्ध हों।श्री गौतम ने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए युवाओं को नई और उभरती तकनीकों से जोड़ना आवश्यक है। इसी क्रम में श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और गैर-पारंपरिक ऊर्जा से जुड़े पाठ्यक्रमों को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि हरियाणा का युवा केवल नौकरी पाने तक सीमित न रहे, बल्कि अपने कौशल के आधार पर स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में भी आगे बढ़े। इसके लिए कौशल विकास और उद्यमिता को एक-दूसरे से जोड़कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विभागीय स्तर पर काम किया जा रहा है।
उभरते क्षेत्रों पर बढ़ रहा फोकस
हरियाणा में उद्योग आधारित प्रशिक्षण और अप्रेंटिसशिप को भी विस्तार दिया जा रहा है। सरकारी समीक्षा के अनुसार, 2016-17 से सितंबर 2026 तक राज्य में 4.73 लाख से अधिक अप्रेंटिस जुड़े हैं।आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, इलेक्ट्रिक वाहन, साइबर सिक्योरिटी, सेमीकंडक्टर और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण के अवसर बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में कुशल मानव संसाधन की बढ़ती जरूरत को देखते हुए कौशल प्रशिक्षण को उद्योगों की मांग के अनुरूप ढालने पर जोर है।
युवाओं की आकांक्षाओं और उद्योगों की जरूरतों के बीच बनेगा सेतु
‘स्किल गैप स्टडी रिपोर्ट’ का उद्देश्य युवाओं की आकांक्षाओं, प्रशिक्षण संस्थानों की क्षमता और उद्योगों की जरूरतों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। इससे यह तय करने में मदद मिल सकती है कि किन क्षेत्रों में कितने और किस प्रकार के प्रशिक्षण की आवश्यकता है।कार्यक्रम में गुरुग्राम से विधायक श्री मुकेश शर्मा और पटौदी से विधायक श्रीमती विमला चौधरी एवं डॉ. राज नेहरू, महानिदेशक, SJHIFM, डॉ. जी. अनुपमा, आईएएस, एसीएस, युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग तथा डॉ. राजेश गोयल, एमडी, HSDM सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं संबंधित क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।सरकार की इस पहल में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा कौशल विकास को उद्योगों की जरूरत से जोड़ने की व्यापक दिशा और युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता मंत्री गौरव गौतम द्वारा रोजगार मेलों, आधुनिक पाठ्यक्रमों, आईटीआई आधुनिकीकरण, नए स्किल सेंटर और उभरती तकनीकों के प्रशिक्षण पर दिए जा रहे विभागीय जोर को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास दिखाई देता है।