लखनऊ, जागरण संवाददाता। सपनों को देखना और उन्हें साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करना जीवन में आगे बढ़ने की पहली सीढ़ी है। इसी सोच को अपनी लेखनी के माध्यम से अभिव्यक्त करते हुए निर्मला कॉन्वेंट इंटर कॉलेज, कुर्सी रोड, बहादुरपुर, लखनऊ की कक्षा आठ की छात्रा आराध्या सिंह ने ‘The Price of a Dream’ नामक पुस्तक लिखी है। कम उम्र में पुस्तक लेखन की यह पहल उनके परिवार और विद्यालय के लिए गर्व का विषय बनी है।आराध्या ने अपनी पुस्तक में सपनों, संघर्ष, आत्मविश्वास, मेहनत, धैर्य और दृढ़ संकल्प जैसे विषयों को केंद्र में रखा है। पुस्तक का उद्देश्य युवा पाठकों को यह संदेश देना है कि किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए केवल सपना देखना पर्याप्त नहीं, बल्कि उसे पूरा करने के लिए निरंतर मेहनत और सकारात्मक सोच भी जरूरी है।आराध्या का कहना है कि हर व्यक्ति के जीवन में कोई न कोई सपना होता है।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignetteजब व्यक्ति कठिनाइयों से घबराने के बजाय उनका सामना करता है और अपने लक्ष्य की दिशा में लगातार आगे बढ़ता है, तभी सपना वास्तविकता में बदलने की राह पर आता है। इसी विचार को उन्होंने अपनी पुस्तक के माध्यम से शब्दों का रूप देने का प्रयास किया है।बेटी की इस उपलब्धि पर माता श्रीमती संध्या सिंह सोमवंशी और पिता दैनिक भास्कर के वरिष्ट पत्थर श्री एस. के. सिंह सोमवंशी (संतोष कुमार सिंह) बेहद प्रसन्न और गौरवान्वित हैं। उनका कहना है कि आराध्या ने पढ़ाई के साथ अपनी रचनात्मक प्रतिभा को विकसित करने का प्रयास किया, जो उसके व्यक्तित्व के लिए महत्वपूर्ण है।विद्यालय में भी आराध्या की लेखन प्रतिभा को लेकर उत्साह है। कम उम्र में पुस्तक लिखने का उनका प्रयास अन्य विद्यार्थियों को भी अपनी रचनात्मक क्षमताओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है।‘The Price of a Dream’ आराध्या के लेखकीय सफर की शुरुआत है। उनकी यह उपलब्धि बताती है कि उम्र छोटी हो सकती है, लेकिन सपने बड़े हो सकते हैं और मेहनत व लगन से उन्हें शब्दों के माध्यम से नई उड़ान दी जा सकती है।