सफाई कर्मियों को वितरित किया गया ट्रैकसूट व जूता

सोनभद्र। नगर पंचायत पिपरी में स्वच्छता की जिम्मेदारी निभाने वाले सफाई कर्मियों को सम्मान, गरिमा और नई पहचान देने की दिशा में एक नई पहल की गई है। अब नगर पंचायत पिपरी के सफाई कर्मियों को दोस्त-मित्र के नाम से संबोधित किया जाएगा। इस पहल का शुभारंभ जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने सफाई कर्मियों को ट्रैकसूट एवं जूते प्रदान कर किया।सफाई कर्मियों ने नई वेशभूषा धारण की और जिलाधिकारी ने उनके साथ बैठकर सामूहिक फोटो खिंचवाई। इस दौरान सफाई कर्मियों में नई पहचान और सम्मान को लेकर उत्साह देखने को मिला। जिलाधिकारी ने कहा कि शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने में सफाई कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान है। वे प्रतिदिन आमजन के बेहतर और स्वच्छ वातावरण के लिए कार्य करते हैं। उनके प्रति सम्मान एवं अपनत्व की भावना को और मजबूत करने के उद्देश्य से उन्हें ‘दोस्त-मित्र’ की नई पहचान दी गई है। उन्होंने कहा कि नई वेशभूषा से सफाई कर्मियों की विशिष्ट पहचान भी सुनिश्चित होगी। जिलाधिकारी ने सफाई कर्मियों से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की और स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मौके पर सीडीओ जागृति अवस्थी, एडीएम वागीश कुमार शुक्ला, नगर पंचायत पिपरी के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह आदि मौजूद रहे।

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अंधाधूंध विद्युत कटौती से ओबरा नगरवासी परेशान
ओबरा, सोनभद्र। नगर में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था इन दिनों लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। नगर के अलग-अलग क्षेत्रों में कभी तकनीकी खराबी तो कभी रोस्टिंग के नाम पर बिजली आपूर्ति रोक दी जा रही है। कई-कई घंटे बिजली न रहने के कारण उमसभरी गर्मी में लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो रहा है। बिजली कटौती की स्थिति पर्व-त्योहारों के दौरान भी राहत नहीं दे रही है। हाल में हरितालिका तीज के अवसर पर भी कई घंटे आपूर्ति बाधित रहने से व्रती महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। निर्जला व्रत के बीच गर्मी और उमस से बचने के लिए पंखे-कूलर भी काम नहीं कर सके। इससे लोगों में बिजली विभाग की व्यवस्था को लेकर नाराजगी देखी गई।
नगरवासियों का कहना है कि बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद उपभोक्ताओं को सही जानकारी नहीं मिल पाती। फाल्ट होने की स्थिति में खराबी कहां है और मरम्मत में कितना समय लगेगा, इसकी जानकारी स्पष्ट रूप से नहीं दी जाती। परिणामस्वरूप लोग बिजली आने का इंतजार करते रहते हैं। वहीं रोस्टिंग के दौरान भी पूर्व सूचना नहीं मिलने से घरेलू कार्यों के साथ दुकानों और छोटे कारोबार पर असर पड़ता है। लगातार बिजली बाधित रहने का असर रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ रहा है। बिजली से संचालित उपकरण बंद होने के कारण घरों के जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। दुकानदारों को भी कारोबार चलाने में परेशानी हो रही है। लंबे समय तक आपूर्ति ठप रहने के बाद जब बिजली आती है तो दोबारा ट्रिपिंग अथवा अन्य तकनीकी समस्या की स्थिति बनने से समस्या और बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि फाल्ट की स्थिति में विभाग को मरम्मत टीम को तत्काल मौके पर भेजकर आपूर्ति बहाल करने की व्यवस्था करनी चाहिए। यदि किसी क्षेत्र में निर्धारित रोस्टिंग की जानी है तो इसकी जानकारी पहले से सार्वजनिक की जानी चाहिए। इससे उपभोक्ता बिजली उपलब्ध रहने के समय अपने आवश्यक कार्य निपटा सकेंगे।

 

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