राष्ट्रीय राजधानी में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आयोजन के मद्देनजर नई दिल्ली नगरपालिका परिषद ने सफदरजंग और एम्स अस्पताल के बाहर रेहड़ी पटरी पर लगने वाली दुकानों को हटा दिया है। दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में 18 वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जाना है जिसमें दुनिया के विभिन्न शक्तिशाली देशों के राष्ट्राध्यक्षों के शामिल होने की उम्मीद है।इन परिस्थितियों के मध्य सड़क परिवहन सुगमता, ट्रैफिक और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस की सहायता से नई दिल्ली नगरपालिका परिषद ने सफदरजंग और एम्स अस्पताल के बाहर लगने वाली अस्थाई दुकानों को बलपूर्वक हटा दिया है। एनडीएमसी ने इस कार्रवाई के अंतर्गत सड़क के दोनों ओर लगने वाली फल, मास्क, कपड़ों और खाने-पीने की दुकानों को तत्काल हटाने का आदेश दिया। जिसका पालन करते हुए अधिकतर दुकानदारों ने स्वयं ही अपनी दुकानों को समेट लिया। वहीं कुछ विक्रेताओं ने रोजगार का हवाला देते हुए हटने से इंकार कर दिया। एनडीएमसी ने सख्त कार्यवाही के अंतर्गत इन दुकानों को जब्त कर लिया है। एक महिला विक्रेता कार्यवाही का विरोध करते हुए पुलिस कर्मियों से झगड़ती भी दिखाई दी।read more:https://pahaltoday.com/a-grand-tiranga-yatra-was-taken-out-in-payagpur-under-the-leadership-of-the-bdo-the-market-echoed-with-chants-of-bharat-mata-ki-jai/दुकानदारों में कार्रवाही को लेकर मायूसी और रोष दिखाई दिया। अपनी मास्क की दुकान को स्वयं हटाते हुए घटना के बारे में विक्रेता संतोष ने बताया कि बड़े लोगों की बैठक के कारण हमें घाटा सहना पड़ेगा। हम रोज कमाई करने वाले लोग है। हमको रोज कुआं खोदकर पानी पीना पड़त है, ऐसे में यदि तीन दिन हम दुकान नहीं खोल पाए तो हमारी रोजी पर बुरा असर पड़ेगा। वहीं कुछ विक्रेताओं का कहना है कि यदि दो दिन की बात है तो देश की अच्छाई के लिए हम इसे छुट्टी मान के सहन कर लेंगे।ब्रिक्स सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए राजधानी में 35 से ज़्यादा मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक नियंत्रित किया जाएगा और 22 प्रमुख जगहों पर डायवर्जन लागू किया गया है। भारत मंडपम, मंडी हाउस, लुटियंस, जनपथ, अशोक मार्ग, बाराखंबा, टॉलस्टॉय मार्ग और मथुरा रोड जैसी सड़कों पर आम जनता की गाड़ियों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। वहीं धौला कुआँ मोती बाग जैसे फ्लाईओवर पर डायवर्जन किया जाएगा।जानकारी के लिए बता दें कि ब्रिक्स का गठन 2006 में हुआ था। यह भारत, ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका जैसे 11 बड़े देशों का एक मजबूत मंच है जो विश्व की आधी जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करता है। इसका उद्देश्य ब्रिक्स के सदस्य देशों के मध्य आर्थिक सहयोग और वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ावा देना है। वर्ष 2026 में होने वाले 18 वें शिखर सम्मेलन की मेजबानी भारत कर रहा है। इस सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा समेत कई बड़े वैश्विक नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।