नई दिल्ली , हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी केवल महान कवि ही नहीं, बल्कि ऐसे युगदृष्टा संत थे, जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से भगवान श्रीराम की भक्ति और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाकर भारतीय संस्कृति का पुनर्जागरण किया। उन्होंने समाज को मर्यादा, सदाचार, कर्तव्य, त्याग, सेवा और मानवता का संदेश दिया।श्री नायब सिंह सैनी रविवार को चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास संत कबीर कुटीर पर आयोजित गोस्वामी तुलसीदास जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर गोस्वामी समाज के हरियाणा और पंजाब से आए प्रतिनिधि, सरपंच, पंच तथा सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने गोस्वामी तुलसीदास जी को नमन करते हुए सभी प्रदेशवासियों को उनकी जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने गोस्वामी समाज की मांग पर हिसार के चंदननगर में गोस्वामी धर्मशाला के निर्माण हेतु 31 लाख रुपये देने सहित अन्य मांगों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की घोषणा की। उन्होंने गोस्वामी समाज के सरपंचों व अन्य गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।
पंजाब-हरियाणा की साझा संस्कृति और भाईचारे को मजबूत करता है समारोह:
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह परिसर हमारी महान संत परंपरा, सामाजिक समरसता और पंजाब-हरियाणा के सदियों पुराने आत्मीय रिश्तों की भावना से सराबोर है। उन्होंने कहा कि आज के समारोह में पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि प्रशासनिक सीमाएं अलग हो सकती हैं, लेकिन हमारी संस्कृति, आस्था, संस्कार और रिश्तों की कोई सीमा नहीं होती।उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा से आए गोस्वामी समाज के सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए दोनों राज्यों के सरपंचों, पंचों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि का सम्मान केवल उसके पद का सम्मान नहीं, बल्कि गांव की जनता द्वारा उस पर जताए गए विश्वास का सम्मान है।
गोस्वामी तुलसीदास जी ने कठिन परिस्थितियों में समाज को आशा का दीप दिखाया:
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी का नाम लेते ही मन में भक्ति, मर्यादा, ज्ञान और जनकल्याण की भावना जागृत होती है। वे केवल महान कवि नहीं थे, बल्कि ऐसे युगदृष्टा थे, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी समाज के सामने आशा का दीप जलाया। उन्होंने कहा कि जिस समय समाज को सही दिशा, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना की आवश्यकता थी, उस समय तुलसीदास जी ने अपनी वाणी के माध्यम से समाज को जोड़ा और संस्कार प्रदान किए। उन्होंने यह संदेश दिया कि धर्म का वास्तविक अर्थ मनुष्य को मनुष्य से जोड़ना है।
रामचरितमानस केवल कथा नहीं, जीवन जीने की मर्यादा सिखाती है:
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी ने ‘रामचरितमानस’ के माध्यम से केवल भगवान श्रीराम की कथा नहीं सुनाई, बल्कि जीवन जीने की मर्यादा सिखाई। उन्होंने बताया कि पिता के प्रति पुत्र का कर्तव्य क्या हो, भाई का भाई के प्रति व्यवहार कैसा हो, राजा का प्रजा के प्रति दायित्व क्या हो, सेवक का धर्म क्या हो और समाज के प्रति प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी क्या हो, इन सभी प्रश्नों के उत्तर रामचरितमानस में सरल भाषा में मिलते हैं। उन्होंने कहा कि तुलसीदास जी का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, क्योंकि उन्होंने कर्तव्य को अधिकार से ऊपर, त्याग को स्वार्थ से बड़ा और समाज के अंतिम व्यक्ति के सुख को शासन का उद्देश्य बताया।
सुशासन और आदर्श समाज की प्रेरणा देते हैं तुलसीदास जी के विचार:
मुख्यमंत्री ने कहा कि तुलसीदास जी ने ऐसे रामराज्य की कल्पना की, जहां कोई दुखी न हो, कोई अभावग्रस्त न हो, सभी सुखी हों और सभी निरोगी हों। यह केवल धार्मिक या साहित्यिक कल्पना नहीं, बल्कि सुशासन और आदर्श समाज की परिकल्पना है। उन्होंने कहा कि आज के समय में भी शासन का मूल उद्देश्य यही होना चाहिए कि प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान मिले, किसी के साथ भेदभाव न हो, कोई व्यक्ति मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे और समाज का प्रत्येक वर्ग विकास की मुख्यधारा में शामिल हो।
प्रधानमंत्री कर रहे तुलसीदास की परिकल्पनाओं को साकार:
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गोस्वामी तुलसीदास की परिकल्पना के अनुरूप ऐसी नीतियां लागू की हैं जिन्होंने गरीब व जरूरतमंदों की उम्मीदें पूरी की हैं। तुलसीदास जी की रामराज्य की कल्पना को पिछले 12 वर्षों से देश में पुनः प्रतिष्ठित किया जा रहा है। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम से लेकर सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना तक के कार्यों को भारत के आध्यात्मिक जागरण का उदाहरण बताया। इसके अलावा गरीब परिवारों को आयुष्मान-चिरायु योजना के माध्यम से 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज, आवास योजनाओं के माध्यम से देश में करोड़ों परिवारों को दिए गए मकानों, सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से सोलर पैनल लगवाने सहित विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए इन सबको गोस्वामी तुलसीदास के रामराज्य की कल्पना के साकार होने के समान बताया।
आम आदमी पार्टी और कांग्रेस केवल घोषणाएं करती हैं, हम संकल्प पूरे करते हैं:
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भाजपा और अन्य पार्टियों में इच्छाशक्ति का अंतर है। आम आदमी पार्टी ने चुनाव से पहले 57 घोषणाएं की थी जिसमें से अधिकतर को पूरा करने के लिए वे अब चुनाव के समय हाथ-पांव मार रहे हैं जबकि हमने चुनाव के समय 217 संकल्प लिए थे जिनमें से 70 संकल्प केवल डेढ़ साल में पूरे किए जा चुके हैं और 147 पर तेज गति से काम चल रहा है। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस जैसी दूसरी पार्टियां यह सोचकर घोषणा करती हैं कि एक बार सत्ता में आ जाएं,