भदोही। मर्कज़ी सीरत कमेटी द्वारा 61वां दो रोजा अजीमुश्शान जश्ने ईद मिलादुन्नबी सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम बड़े ही अक़ीदतो एहतेराम के साथ बीती रात सम्पन्न हुआ। जल्से का आगाज़ इमामे ईदगाह हाफिज व कारी अशफाक रब्बानी व कारी-ए- कुरआन नकीबे जल्सा हाफ़िज आबिद हुसैन ने अल्लाह की मुक़द्दस किताब क़ुरआने हकीम की तिलावत से की। उसके बाद हज़रते हस्सान रज़ि.की सुन्नत अदा करते हुए बुलबुले बागे मदीना शायर संदल जलालपुरी ने नाते रसूले अकरम सल्लल्लाहु अलैहे वसल्लम पढा की आपने गर मुझे तैबा में बुलाया होता, मैं भी रहमत के समंदर में नहाया होता, दीने इस्लाम का परचम न यहां लहराता, मेरा ख्वाजा न जो अजमेर में आया होता। आ रहे हैं आका मेरे आ रहे हैं आका, सरकार की आमद मरहबा, दिलदार की आमद मरहबा पढा तो पूरा मजमा मचल गया। इसी तरह शायर जावेद आसिम, हाजी आज़ाद वगैरह ने नाते नबी पढ़ी। मेम्बरे नूर पे जलवागर सिवान से चल कर आए हज़रते अल्लामा मौलाना मुफ़्ती सुल्तान रज़ा ने मुस्तफ़ा जाने रहमत स. की सीरते तैयबा पर रौशनी डालते हुए कहा कि दुनिया की सभी किताबो में मेरे नबी की दुनिया मे आने की बात कही गई है।read more:https://pahaltoday.com/mobile-court-visits-ballia-to-hear-grievances-of-persons-with-disabilities-state-commissioner-issues-strict-directives/कहा कि हर किताबो में लिखा है कि मक्का की धरती अमन शांति की धरती पर एक ऐसा बालक जन्म लेगा जिसका नाम मोहम्मद होगा और मोहम्मद का दीन धीरे-धीरे ऐसा फैल जाएगा जिसको मिटाना असंभव होगा। और वह मोहम्मद पूरी दुनिया मे अमन (शांति) का संदेश देगा। मौलाना ने कहा मेरे नबी को अल्लाह ने मोअल्लिमे क़ायनात बना कर दुनिया मे भेजा है। कहा अल्लाह ने नबी को सबसे खूबसूरत और लाजवाब बना कर दुनिया मे भेजा कि जिसका सानी कोई नही है। अल्ल्लाह ने नबी की खूबसूरती और बड़ाई कुरआने मुक़द्दसा में बयान की। नबी दुनिया मे आये चारो तरफ अमन का परचम बुलंद हुआ। बेवाओं को जीने का हक मिला, यतीमो को सहारा मिला, बच्चियों को ज़िंदगी मिली। अब कोई सताया नही जाएगा अब किसी को परेशान नही किया जाएगा। मेरे नबी सरापा इंसानियत के अलम्बरदार है। मौलाना ने कहा अल्लाह और नबी को खुश करना चाहते हो तो नमाज को कायम करो। नमाज नबी की आंख की ठंडक है। नबी के बताए हुए रास्ते पर चल कर ही दुनिया व आख़ेरत को कामियाब किया जा सकता है। अपने बच्चों को इल्म के जेवर से मोज़य्यन करो, इल्म के बगैर जिंदगी अधूरी है। जल्से की सदारत इमामे ईदगाह हाफ़िज व कारी अशफाक रब्बानी ने की तो ज़ेरे नेज़ामत नकीबे हिंदुस्तान कारी-ए-कुरआन हाफ़िज आबिद हुसैन ने की। वहीं कमेटी के सदर हाजी इम्तियाज़ अंसारी, नाएब सदर महमूद अकबर, खजांची हाजी मौलवी अलाउद्दीन अंसारी, जर्नल सेक्रेटरी आफ़ताब अंसारी, सेक्रेटरी सभासद सेराज अंसारी, जाहिद अंसारी, सज्जाद अंसारी, जाहिद उर्फ बाबर अंसारी, हाजी आज़ाद खान, ओबैदुल्ला अंसारी, खुर्शीद खान, जावेद कुरैशी, तौसीफ अंसारी ने आए हुए मेहमानों का शुक्रिया अदा किया।