बलिया।जिला कलक्ट्रेट में मंगलवार की दोपहर करीब 12:00 बजे राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग(ओबीसी) मोर्चा के सदस्यों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया।इसके साथ राष्ट्रपति को संबोधित पत्रक सिटी मजिस्ट्रेट आशाराम वर्मा को दिया।मोर्चा के सदस्यों ने कहा कि भारत सरकार द्वारा जनगणना-2027 में जाति-वार जनसंख्या की गणना कराने का निर्णय समावेशी नीति-निर्माण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। लेकिन जनगणना के पहले चरण में ओबीसी का आप्शन न देकर सरकार ने ओबीसी के साथ धोखेबाजी की है।अभी दूसरे चरण में की प्रश्नावली में ओबीसी का आप्शन नहीं दिया गया है।और जाति आधारित जनगणना के लिए ओपेन कालम व्यवस्था की गयी है।इससे जनगणना के आंकड़े भ्रमित करने वाले आयेंगे।क्योंकि ठीक इसी प्रकार से 2011 में कांग्रेस सरकार के द्वारा जातियों के ओपेन आप्शन की पद्धति से सर्वे में आंकड़े कलेक्ट्रेट किए गये थे।जिसमें 46.7 लाख जातियां आयी और सरकार ने भ्रमित करने वाले आंकड़े बता कर उसको जारी करने से मना कर दिया था और ओबीसी के साथ धोखाधड़ी की गयी थी।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignetteठीक वही पद्धति इस जनगणना को करना ओबीसी सहित सभी जातियों के साथ के साथ धोखेबाजी होगी। इसलिए जो पद्धति एससी-एसटी की जनगणना के लिए अपनाई जाती है।ठीक वही पद्धति ओबीसी की जनगणना और जाति आधारित जनगणना के लिए अपनाई जाय।जिससे सही प्रकार से आंकड़े दर्ज किए जा सके।एससी एसटी की तरह ओबीसी का भी अलग से आप्शन दिया जाय। मोर्चा के सदस्यों ने मांग किया कि राज्यवार आधिकारिक एवं व्यापक मास्टर जाति निर्देशिका तैयार की जाए।प्रत्येक जाति को विशिष्ट कोड प्रदान किया जाए।अनियंत्रित “ओपन कॉलम” व्यवस्था के स्थान पर मानकीकृत विकल्प आधारित प्रणाली अपनाई जाए।असूचीबद्ध एवं स्थानीय जातियों के सत्यापन के लिए स्पष्ट संस्थागत व्यवस्था बनाई जाए।जाति संबंधी डेटा के संग्रह,सत्यापन एवं संकलन की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी,सुरक्षित एवं ऑडिट योग्य बनाया जाए।कहा कि मांगें पूरी न होने की दशा में आगामी 02 सितंबर से राष्ट्रव्यापी अनिश्चितकालीन क्रमिक धरना-प्रदर्शन किया जायेगा। इस मौके पर अवधेश कुमार वर्मा, शिव शंकर यादव, अमन कुमार वर्मा, संजय सैनी,आकाश वर्मा, विशु पासवान, हरिकांत पासवान, जंग बहादुर वर्मा,ओंकार नाथ गुप्ता, सुभाष चंद्र राम,श्रीकृष्ण आदि रहे।