शक्तिनगर, सोनभद्र। शक्तिनगर मुख्य मार्ग स्थित खड़िया बाजार की बदहाल सड़क अब महज आवागमन की समस्या नहीं, बल्कि हादसे का खुला न्योता बन गई है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे और उनमें भरा बारिश का पानी राहगीरों के लिए खतरा बन चुका है। शुक्रवार को एक हाइवा गहरे गड्ढे में फंस गया, जबकि यात्रियों से भरी रोडवेज बस भी इन्हीं गड्ढों के बीच फंसकर बेबस नजर आई। संयोग से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन सवाल यह है कि प्रशासन आखिर किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार क्यों कर रहा है।खड़िया बाजार जैसे व्यस्त इलाके की मुख्य सड़क की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिम्मेदार विभाग की निगरानी और मरम्मत व्यवस्था किस स्थिति में है। सड़क पर बने गड्ढे इतने गहरे हैं कि बारिश के बाद पानी भरते ही उनकी वास्तविक स्थिति दिखाई देना बंद हो जाती है। ऐसे में वाहन चालक अनुमान के सहारे सड़क पार करने को मजबूर हैं। शुक्रवार को एक भारी हाइवा गड्ढे में फंस गया। वाहन के फंसने से कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ और मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। भारी वाहन का सड़क पर इस तरह फंसना इस बात का संकेत है कि मार्ग की हालत कितनी गंभीर हो चुकी है। इसके बाद यात्रियों से भरी रोडवेज बस भी गड्ढों और पानी के बीच फंस गई। काफी मशक्कत के बाद बस को निकाला जा सका।read more:https://pahaltoday.com/ballia-police-receive-two-modern-interceptor-bikes-sp-omvir-singh-flags-them-off/यात्रियों की जान बचना फिलहाल राहत की बात है, लेकिन अगर बस पलट जाती तो जिम्मेदारी किसकी होती? यह सवाल अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। खड़िया बाजार में दिनभर भारी वाहनों के साथ रोडवेज बस, छोटे वाहन, दोपहिया और पैदल लोगों की आवाजाही रहती है। सड़क के गड्ढों में बारिश का पानी भरने के बाद दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ गया है। पानी के नीचे छिपे गड्ढे अचानक वाहन को असंतुलित कर सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की हालत लंबे समय से खराब है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया गया। सवाल उठ रहा है कि क्या सड़क की मरम्मत के लिए किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है।
गिट्टी-मिट्टी की खानापूर्ति नहीं, चाहिए स्थायी समाधान
स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है। उनका कहना है कि गड्ढों में मिट्टी या गिट्टी डालकर कुछ दिनों के लिए खानापूर्ति करने से समस्या खत्म नहीं होगी। सड़क की तकनीकी जांच कर गुणवत्तापूर्ण और स्थायी मरम्मत कराई जानी चाहिए। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और हादसे की आशंका वाले स्थानों को चिह्नित कर मरम्मत कराई जाए। लोगों का कहना है कि खड़िया बाजार की सड़क अब चेतावनी नहीं, बल्कि दुर्घटना से पहले बज रही खतरे की घंटी है। समय रहते जिम्मेदार विभाग नहीं जागा तो किसी बड़े हादसे के बाद जिम्मेदारी तय करना बेमानी होगा।