बहराइच (नानपारा)l कृषि विज्ञान केंद्र नानपारा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. संदीप कुमार ने पत्रकारों को बताया कि केंद्र पर किसानों को नई कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के माध्यम से मुर्गी पालन, बत्तख पालन, उद्यान विभाग से संबंधित गतिविधियों, मशरूम उत्पादन तथा बीज उत्पादन जैसी विधाओं की जानकारी दी जाती है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले किसानों को स्वरोजगार के अवसर मिलते हैं।उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र पर समय-समय पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिसमें सभी किसानों के साथ-साथ आदिवासी किसानों को भी प्रशिक्षण दिया जाता है। केंद्र पर नई किस्मों के बीजों का प्रदर्शन भी कराया जाता है, ताकि किसान उन्नत तकनीक और नई प्रजातियों को अपनाकर उत्पादन बढ़ा सकें।read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/कृषि वैज्ञानिक एसबी सिंह ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र के परिसर में आम की 24 प्रजातियां लगाई गई हैं, जिन्हें चार वर्ष पूरे हो चुके हैं। जल्द ही इन प्रजातियों की कलम एवं ग्राफ्टिंग तैयार कर किसानों को उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल आम की विभिन्न प्रजातियां मदर ऑर्चर्ड में संरक्षित हैं।कृषि विशेषज्ञ उमेश कुमार वर्मा ने बताया कि पॉलीहाउस में खीरा, लौकी सहित विभिन्न सब्जियों की शरदकालीन नर्सरी तैयार की जा रही है। इसमें टमाटर, बैंगन, मिर्च, फूलगोभी सहित अन्य सब्जियों की पौध किसानों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। टीएसपी के अंतर्गत आने वाले किसानों को पौध निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी l