सरसावा। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दौरान जनपद सहारनपुर की सरसावा नगर पालिका परिषद ने शिवभक्त कांवड़ियों की सुविधा और सेवा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। नगर क्षेत्र करीब 10 हजार लाइटों की रोशनी से जगमगा रहा है। कांवड़ मार्ग पर की गई आकर्षक लाइटिंग के साथ स्वच्छ पेयजल, भोजन, साफ-सफाई सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था से शिवभक्तों को राहत मिल रही है। सरसावा से होकर हरियाणा और पंजाब की ओर जाने वाले बड़ी संख्या में कांवड़िये इन व्यवस्थाओं का लाभ उठा रहे हैं। यात्रा मार्ग पर रोशनी, स्वच्छता और पेयजल की समुचित व्यवस्था देखकर कांवड़िये पालिका प्रशासन की तैयारियों की जमकर सराहना कर रहे हैं। रात के समय हजारों लाइटों से जगमगाता नगर कांवड़ियों और स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। नगर पालिका की ओर से कांवड़ मार्ग एवं आसपास के क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।read more:https://pahaltoday.com/protest-by-the-all-gondwana-students-association-and-the-gond-community/श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ जल और भोजन की व्यवस्था के साथ मार्गों पर साफ-सफाई सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि दूर-दराज से आने वाले शिवभक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। नगर पालिका चेयरमैन कोमल पंवार और उनके प्रतिनिधि राजू पंवार ने कहा कि भगवान भोलेनाथ ने उन्हें कांवड़ियों की सेवा करने का अवसर दिया है, जिसे वे पुनीत सेवा मानकर पूरी श्रद्धा के साथ निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार प्रयास किया गया है कि प्रत्येक शिवभक्त को बेहतर से बेहतर सुविधा उपलब्ध हो और यात्रा के दौरान उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने सभी कांवड़ियों से सावधानी और अनुशासन के साथ यात्रा करने की अपील की। चेयरमैन प्रतिनिधि ने कहा कि पालिका प्रशासन की कोशिश है कि सरसावा से गुजरने वाले प्रत्येक भोले के लिए उत्तम व्यवस्था उपलब्ध रहे। इसके लिए नगर पालिका अधिकारियों और बोर्ड के सदस्यों का पूरा सहयोग मिल रहा है। चेयरमैन कोमल पंवार एवं प्रतिनिधि राजू पंवार ने कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं में सहयोग करने वाले सभी नगरवासियों और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का पर्व ही नहीं, बल्कि सेवा, सहयोग और सामाजिक समरसता का भी अवसर है। सरसावा में शिवभक्तों की सेवा के लिए नगर पालिका और स्थानीय लोग मिलकर पूरी तत्परता से जुटे हुए हैं।