उन्नाव। करीब 4200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे उद्घाटन के महज 42 दिन बाद ही निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। एक्सप्रेसवे के KM-64 पर सड़क उखड़ने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।क्षतिग्रस्त हिस्से पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से गड्ढों को भरने और पैचवर्क का कार्य कराया जा रहा है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मरम्मत स्थायी समाधान साबित नहीं हो रही है और सड़क बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही है।read more:https://pahaltoday.com/ballia-police-receive-two-modern-interceptor-bikes-sp-omvir-singh-flags-them-off/स्थानीय लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के कुछ ही दिनों में मरम्मत की नौबत आ जाना चिंता का विषय है। वहीं, मौके पर विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और तकनीकी टीम की अनुपस्थिति भी सवाल खड़े कर रही है।ऐसे में यह चर्चा तेज हो गई है कि जब नया एक्सप्रेसवे इतनी जल्दी मरम्मत की स्थिति में पहुंच गया, तो निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता नियंत्रण और तकनीकी निगरानी कितनी प्रभावी रही। स्थानीय लोगों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार एजेंसी की जवाबदेही तय करने की मांग की है।