हल्दी(बलिया) सीताकुंड परसिया स्थित मां सीता जी के पावन प्रांगण में आयोजित अभिषेकात्मक रुद्र महायज्ञ एवं श्रीराम कथा महोत्सव के दौरान श्रीराम जन्मोत्सव का प्रसंग अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। कथा पंडाल में श्रीराम जन्म की दिव्य झांकी प्रस्तुत होते ही पूरा वातावरण जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा।कथाव्यास श्री रंगनाथ शाडिल्यजी महाराज ने संचालक आचार्य पं. दिलीप रामानुज शास्त्री तथा साथ पधारे वैदिक विद्वानों के सान्निध्य में श्रीराम जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने नारद मोह प्रसंग का विस्तृत व्याख्यान करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का अवतार धर्म की स्थापना, संतों एवं भक्तों की रक्षा, गौ एवं ब्राह्मणों के संरक्षण तथा समस्त जगत के कल्याण के लिए अयोध्या में हुआ। उन्होंने कहा कि जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान विभिन्न रूपों में अवतार लेकर मानवता का मार्गदर्शन करते हैं।read more:https://khabarentertainment.in/32-complaints-registered-at-the-sampoorna-samadhan-diwas-sdm-issues-directives-for-quality-resolution/कथा के दौरान श्रीराम जन्मोत्सव का दृश्य प्रस्तुत होते ही श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा पंडाल में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से जयकारे लगाए और भजन-कीर्तन के बीच जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास एवं धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया।संगीतमय कथा में तबला वादक श्री चंदन तिवारी, हारमोनियम वादक श्री सारंग भूषण, तबलापुरी वादक श्री राजन तथा गोविंदजी पीठ के संजय शरण जी ने अपनी मधुर प्रस्तुति से भक्तिमय वातावरण को और अधिक आकर्षक बना दिया।इस अवसर पर जय मां काली समिति की ओर से कथाव्यास, वैदिक विद्वानों एवं कलाकारों का गमछा एवं पुष्पमाला पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। स्वागत करने वालों में मंगलेश तिवारी, चिंटू पांडेय, सीबुल पांडेय, जितेंद्र शर्मा, अनिल तिवारी, उमेश तिवारी, संजय तिवारी, पिंकू तिवारी तथा सोनू दुबे सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।