आजमगढ़। मेहनगर क्षेत्र के निवासी पंचम पुत्र जगनन्दन ने आयुक्त, आजमगढ़ मंडल को शिकायती पत्र भेजकर एक संस्कृत माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत कर्मचारी पर फर्जी अंकपत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त करने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त करने, अब तक दिए गए वेतन एवं अन्य सरकारी देयकों की वसूली करने तथा कथित लापरवाही के आरोप में जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) के विरुद्ध भी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश और जिलाधिकारी आजमगढ़ को भी भेजी गई है।read more:https://khabarentertainment.in/509-vidyut-sakhis-in-bijnor-receive-thermal-printers-instant-electricity-bill-receipts-will-now-be-available-at-doorsteps/शिकायत पत्र के अनुसार संबंधित कर्मचारी ने कथित रूप से किसी अन्य अभ्यर्थी की वर्ष 1986 की उत्तर मध्यमा परीक्षा की अंकपत्र में कूटरचना कर उसे अपने नाम से प्रस्तुत किया और उसी के आधार पर श्री मण्डलेश्वर महादेव संस्कृत माध्यमिक विद्यालय, रायपुर, मेहनगर में नियुक्ति प्राप्त कर ली। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस संबंध में पूर्व में भी कई बार विभिन्न अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।शिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी को तत्काल सेवा से बर्खास्त किया जाए, अब तक दिए गए वेतन और अन्य वित्तीय लाभों की सरकारी खजाने में वसूली कराई जाए तथा मामले में कथित रूप से संलिप्त अधिकारियों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध दर्ज रहे एक पुराने आपराधिक मामले का भी उल्लेख करते हुए पूरे प्रकरण की गहन और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।वहीं, इस मामले में विद्यालय के एक शिक्षक ने शिकायतकर्ता के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक, आजमगढ़ के निर्देश पर संबंधित विश्वविद्यालय से कर्मचारी के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन कराया जा चुका है और सत्यापन में अभिलेख सही पाए गए थे। इसलिए लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।फिलहाल मामला शिकायत के स्तर पर है। संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि या खंडन हो सकेगा। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।