आजमगढ़।बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र के डड़चा गांव में 33000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर 24 वर्षीय पूनम वर्मा की दर्दनाक मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। हादसे के बाद अब ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।सोमवार को ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अरविंद वर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी बूढ़नपुर को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। ज्ञापन में मृतका पूनम वर्मा के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता और सरकारी मुआवजा दिए जाने के साथ साथ उस 33000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन को सुरक्षित ऊंचाई पर स्थानांतरित कराने की मांग की गई, जिसकी चपेट में आने से यह दर्दनाक हादसा हुआ।ग्रामीणों का कहना है कि यदि हाईटेंशन लाइन सुरक्षित मानकों के अनुरूप होती और समय समय पर उसका निरीक्षण तथा आसपास के पेड़ों की छंटाई कराई जाती, तो शायद पूनम वर्मा आज जीवित होती। उनका आरोप है कि हादसे के बाद विभाग सक्रिय हुआ, जबकि पहले से संभावित खतरे पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।ज्ञापन में कहा गया कि डड़चा ही नहीं, बल्कि जिले के कई गांवों में 11000 वोल्ट और 33000 वोल्ट की लाइनें आबादी और बगीचों के ऊपर से गुजर रही हैं। कई स्थानों पर जर्जर पोल, झुके हुए खंभे और नीचे लटकते तार लोगों की जान के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं। बरसात के मौसम में यह खतरा और बढ़ जाता है।read more:https://khabarentertainment.in/asp-shubham-agarwal-reviewed-the-beat-police-personnel-at-the-police-office/ग्रामीणों ने मांग की कि पूरे क्षेत्र में हाईटेंशन लाइनों का विशेष सुरक्षा निरीक्षण कराया जाए। जहां भी लाइनें निर्धारित सुरक्षा मानकों के विपरीत हैं, उन्हें तत्काल दुरुस्त किया जाए ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े।ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि इस हादसे की तकनीकी जांच कराई जाए और यह पता लगाया जाए कि संबंधित लाइन का अंतिम सुरक्षा निरीक्षण कब हुआ था। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ऐसी ठोस कार्रवाई चाहिए जिससे भविष्य में किसी मासूम या युवा की जान बिजली विभाग की लापरवाही के कारण न जाए।ग्रामीणों का कहना है कि हर हादसे के बाद केवल जांच और मुआवजे की घोषणा पर्याप्त नहीं है। जब तक जर्जर बिजली ढांचे को सुरक्षित नहीं बनाया जाएगा, तब तक ऐसे हादसों की आशंका बनी रहेगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि डड़चा गांव की घटना को गंभीरता से लेते हुए पूरे जनपद में हाईटेंशन और एलटी विद्युत लाइनों का सुरक्षा अभियान चलाया जाए और सभी संभावित खतरे वाले स्थानों को तत्काल चिन्हित कर सुरक्षित किया जाए।