बड़हलगंज में गिरवी रखे सोने के जेवर हड़पने के आरोप में एक सर्राफा कारोबारी और उसके पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद यह मामला गरमा गया है। पिड़हनी गांव निवासी एक व्यक्ति की तहरीर पर दर्ज इस मामले में पूर्व मंत्री एवं सांसद रामभुवाल निषाद ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग की है।read more:https://khabarentertainment.in/asp-shubham-agarwal-reviewed-the-beat-police-personnel-at-the-police-office/पिड़हनी गांव निवासी सत्येन्द्र कुमार साहनी ने आरोप लगाया है कि उनके भाई साहब साहनी ने आर्थिक आवश्यकता के चलते बड़हलगंज के एक सर्राफा कारोबारी के पास सोने की अंगूठी और चेन गिरवी रखकर रुपये लिए थे। बाद में जब उन्होंने रुपये लौटाकर जेवर वापस मांगे, तो कारोबारी ने कथित तौर पर टालमटोल की। आरोप है कि 5 अप्रैल 2026 को कारोबारी ने जेवर लौटाने से इनकार कर दिया और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।इस प्रकरण में पूर्व मंत्री एवं सपा सांसद रामभुवाल निषाद ने कस्बे के सत्कार होटल में एक प्रेस वार्ता आयोजित की। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके। निषाद ने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो पीडीए के लोग सड़क पर उतरेंगे।वहीं, सर्राफा कारोबारी श्रीकांत सोनी ने इन सभी आरोपों को निराधार और मनगढ़ंत बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित सोने के जेवर गिरवी नहीं रखे गए थे, बल्कि उन्हें विधिवत खरीदा गया था। सोनी के अनुसार, उस समय के बाजार भाव के अनुसार पूरा भुगतान किया गया था और खरीद का जीएसटी बिल भी जारी किया गया है, जिसके सभी अभिलेख उनके पास सुरक्षित हैं।श्रीकांत सोनी ने आगे बताया कि जिस साहब साहनी ने उन्हें जेवर बेचे थे, वह बिक्री के कुछ दिनों बाद विदेश चले गए और उसके बाद कभी दुकान पर नहीं आए। उन्होंने आरोप लगाया कि अब सोने की कीमत बढ़ने के बाद उन पर झूठे आरोप लगाकर धन उगाही का प्रयास किया जा रहा है। सोनी का कहना है कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए उन्हें निशाना बना रहे हैं और समय आने पर वह सभी दस्तावेज तथा साक्ष्य जांच एजेंसी के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।