नाबालिगों के हाथों में ई-रिक्शा की कमान, यात्रियों की जान जोखिम में

 लखीमपुर खीरी निघासन कस्बे में यातायात नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि 10 से 12 वर्ष तक के नाबालिग बच्चे ई-रिक्शा चलाकर सवारियां ढो रहे हैं। इससे न केवल उनकी अपनी सुरक्षा बल्कि यात्रियों और अन्य राहगीरों की जान भी खतरे में पड़ रही है।read more:https://khabarentertainment.in/joint-operation-by-police-and-ssb-at-the-india-nepal-border-one-accused-arrested-with-13-grams-of-smack/स्थानीय नागरिकों द्वारा बनाए गए एक वीडियो में एक सफेद ई-रिक्शा मुख्य सड़क पर चलता दिखाई दे रहा है। दावा किया जा रहा है कि वाहन एक नाबालिग चला रहा था, जबकि उसमें कई यात्री भी सवार थे। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
कानून क्या कहता है
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु का व्यक्ति मोटर वाहन नहीं चला सकता। ई-रिक्शा एक व्यावसायिक वाहन है, जिसके संचालन के लिए वैध ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण (आरसी) और आवश्यक परमिट अनिवार्य हैं। नियमों के उल्लंघन पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
*कार्रवाई की मांग*
स्थानीय लोगों ने यातायात पुलिस और परिवहन विभाग (आरटीओ) से निघासन क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर नाबालिगों से ई-रिक्शा चलवाने वाले वाहन स्वामियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी, यातायात व्यवस्था सुधरेगी और चौराहों पर लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *