चारधाम यात्रा में भीड़ नियंत्रण के लिए धामी सरकार ने बनाए नियम

देहरादून। पिछले दिनों केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी- भरकम भीड़ और अव्यवस्था के कारण परेशान तीर्थयात्रियों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए कई बड़े ऐलानों के साथ अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अब चारों धामों की वास्तविक धारण क्षमता (कैरिंग कैपेसिटी) के अनुरूप ही श्रद्धालुओं को दर्शन कराने की व्यवस्था बनाई जाएगी, ताकि धामों में अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन से जुड़ी एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया तुरंत तैयार की जाए। यदि किसी भी धाम या पड़ाव में तय क्षमता से अधिक लोग पहुंचते हैं, तो नीचे के होल्डिंग एरिया और प्रमुख चेक प्वाइंट्स पर ही वाहनों व श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा। read more:https://pahaltoday.com/tributes-paid-to-martyrs-on-the-35th-anniversary-of-the-firing-incident/यात्रियों को भीड़ प्रबंधन के तहत चरणबद्ध तरीके से आगे भेजा जाएगा। सीएम ने कहा कि जिन स्थानों पर श्रद्धालुओं को रोका जाएगा, वहां पार्किंग, भोजन, शुद्ध पेयजल और शौचालय समेत सभी बुनियादी सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लेते हुए चारधाम यात्रा मार्गों पर रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक यात्री वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं, जबकि आवश्यक सेवाओं से जुड़े भारी वाहनों और ट्रकों को केवल रात के समय ही संचालन की अनुमति होगी। इसके अलावा, दिन के समय यात्रा रूट पर मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी गई है, ताकि तीर्थयात्रियों को जाम की समस्या से निजात मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा अब दूसरे और अधिक चुनौतीपूर्ण चरण में प्रवेश कर रही है, जहां खराब मौसम सबसे बड़ी चुनौती होगी। इसके लिए संवेदनशील स्थलों पर जेसीबी, पोकलैंड मशीनें, सैटेलाइट फोन, एम्बुलेंस और राहत-बचाव उपकरण पहले से तैनात रखने को कहा गया है। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को तुरंत एयरलिफ्ट करने के लिए राज्य स्तर पर एक हेली एम्बुलेंस नोडल अफसर नियुक्त किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, यात्रियों को ठगी से बचाने के लिए यात्रा मार्ग पर स्थित सभी होटलों, रेस्टोरेंटों और ढाबों में रेट लिस्ट प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया है और खाद्य पदार्थों की नियमित सैंपलिंग की जाएगी। अधिकारियों को फील्ड में रहकर व्यवस्थाएं संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

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