ओबरा तापीय परियोजना की उड़ती राख बनी जानलेवा आफत

पनारी ग्राम पंचायत में सांस लेना दूभर, आंखों में जलन और बीमारियों से दहशतसोनभद्र। बिजली उत्पादन के नाम पर ओबरा तापीय परियोजना से उड़ रही राख अब पनारी ग्राम पंचायत के लोगों के लिए अभिशाप बनती जा रही है। राख का जहरीला गुबार गांव की गलियों, घरों और खेतों तक पहुंच चुका है। हालात इतने खराब हैं कि लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गंभीर बीमारियों की आशंका से ग्रामीण दहशत में हैं।read more:https://pahaltoday.com/massive-explosion-in-chinas-coal-mine-death-toll-reaches-more-than-85/
ग्रामीणों का आरोप है कि तापीय परियोजना से निकलने वाली राख लगातार हवा में उड़ रही है, जिससे पूरा इलाका प्रदूषण की चपेट में आ गया है। घरों की छतों, आंगनों, पेड़ों और पानी के स्रोतों तक पर राख की परत जम रही है। बच्चों और बुजुर्गों की हालत सबसे ज्यादा खराब बताई जा रही है। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ आश्वासन देकर मामले को टाल रहे हैं, जबकि गांव के लोग हर दिन जहरीली हवा में जीने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर सरकार पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ हवा की बात करती है, वहीं दूसरी ओर ओबरा तापीय परियोजना से निकलने वाला प्रदूषण ग्रामीणों की जिंदगी तबाह कर रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से राख उड़ने पर रोक लगाने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए। साथ ही गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की जांच कराई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

 

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