सोनभद्र। देश को रोशनी देने वाला जनपद सोनभद्र आज अपने ही आदिवासी गांवों की बदहाली पर शर्मसार है। एक तरफ जिले की बिजली से आधा भारत जगमगा रहा है, तो दूसरी तरफ चोपन विकास खंड के ग्राम पंचायत कोटा के आधा दर्जन से अधिक आदिवासी टोलों में निवास करने वाले गरीब तबके के हजारों लोग आज भी अंधेरे में जिंदगी काटने को मजबूर हैं। हालात इतने बदतर हैं कि भीषण गर्मी में ग्रामीण दूषित नालों और चूहाड़ के पानी का सेवन कर अपनी प्यास बूझा रहे हैं।read more:https://worldtrustednews.in/those-who-helped-in-making-the-parshuram-janmotsav-yatra-successful-were-honored-by-the-national-parshuram-council/जनहित की इस गंभीर समस्या को लेकर सोमवार को समाजवादी छात्र सभा के जिला उपाध्यक्ष एवं पूर्व छात्रसंघ मंत्री दीपू शर्मा के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र सभा के जिला उपाध्यक्ष दीपू शर्मा ने प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार की करोड़ों की हर घर जल योजना कोटा ग्राम पंचायत में सिर्फ कागजों में दौड़ रही है। जमीनी सच्चाई यह है कि मनीजराडंडी, बसुधा, सरपतवा, हेठुआ, जुड़वानी और बरसौना जैसे आदिवासी बहुल टोले के ग्रामीण आज भी शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे हैं। गर्मी बढ़ने के साथ दूषित पानी पीने से बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग पूरी तरह बेपरवाह बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मनीजराडंडी, मझौली, हड़हाखोली, सनातडण्डी, हेठुआ, धवाईडण्डी, खरदलडण्डी, सलइबनवा पूर्वी और बसुधा पश्चिमी जैसे कई टोले आजादी के दशकों बाद भी बिजली की रोशनी नहीं देख पाए हैं। यह बेहद विडंबनापूर्ण स्थिति है कि जिस सोनभद्र की बिजली से देश का बड़ा हिस्सा रोशन होता है, वहीं के आदिवासी परिवार अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर हैं। दीपू शर्मा ने मांग की कि प्रशासन तत्काल स्थलीय जांच कराकर हर घर जल योजना को धरातल पर लागू कराए तथा विद्युत विभाग को निर्देशित कर सभी टोलों में शीघ्र बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पानी और बिजली की व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस मौके पर राकेश कुमार, दीपक चैधरी, तुलसीदास, दीपक, सोनू, अशोक आदि मौजूद रहे।