अभिभावकों की भूमिका अति महत्वपूर्ण : संजय अवस्थी 

लखनऊ: भविष्य में रंग भरने का उत्कृष्ट विचार है कि बच्चों किशोरों और युवाओं के व्यक्तित्व-विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। नयी भाषा नए कौशल सीखने के लिए प्रेरित किया जाए I उनकी रुचियों को जाना जाए I उन्हें संस्कारों व परम्पराओं से अवगत कराया जाए I उन्हें प्रकृति से जोड़ा जाए I पर्यावरण और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए I   उक्त उद्गार व्यक्त करते हुए समाजसेवी संजय अवस्थी ने कहा कि मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ जी की नई पाती गर्मी की छुट्टियों के सदुपयोग को लेकर आयी है I छुट्टियों के समय का अधिक सृजनात्मक सदुपयोग करने पर पाती बात करती है I प्रतिभाशाली और प्रभावशाली व्यक्तित्व के निर्माण के लिए कौन से महत्वपूर्ण कारक हैं और उन्हें कैसे विकसित किया जाना है I पाती उस पर क्रमवार बात करती है I पाती व्यक्तित्व के सभी पक्षों यानि सम्पूर्ण व्यक्तित्व निर्माण की बात करती है I पाती अभिभावकों की भूमिका की भी बात करती है I व्यक्तित्व-विकास किसी भी उन्नत-समाज के निर्माण और प्रगति के लिए अति आवश्यक है I  अवस्थी ने कहा कि बच्चों के जिज्ञासु मन को पोषित सृजित करने हेतु परिवार का बच्चों को समय देना अति आवश्यक है I बच्चों को नए नए शोध से जोड़ने, आनन्द और उत्साहवर्धन के लिए परिवार को विशेष ध्यान देना होगा I read more:https://pahaltoday.com/explosion-on-railway-track-in-quetta-23-killed-30-injured/बच्चों को अनुकूल वातावरण देना होगा I  अवस्थी ने कहा कि अभिभावकों की भूमिका अति महत्वपूर्ण है I  अवस्थी ने कहा कि किशोर और युवा इन छुट्टियों में नई भाषा या नया कौशल सीख सकते हैं I अच्छी अच्छी ज्ञानवर्धक प्रेरणास्पद पुस्तकों से मित्रता का अच्छा समय छुट्टियां होती हैं I फोटोग्राफी, चित्रकारी, पाक कला, संगीत एवं बागवानी की रुचियों को पूरा करने सीखने का अच्छा समय छुट्टियां ही होती हैं I मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी पाती में आगे लिखते हैं कि प्रिय अभिभावकों, कुछ बातें मैं आपसे भी साझा करना चाहता हूं I हममें अधिकतर लोगों ने बचपन में दादा दादी, नाना नानी से कहानियां सुनी होंगी I आज बच्चे उन अनुभवों से दूर होते जा रहे हैं I मेरा आपसे आग्रह है कि इन छुट्टियों में बच्चों को ननिहाल ददिहाल अवश्य ले जाए I उन्हें परिवार के साथ समय बिताने दें, ताकि वे अपने संस्कारों और परंपराओं से अवगत हो सकें I निकट से जान सकें I मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी जहां एक ओर बच्चों को प्रकृति से जोड़ने की बात करते हैं वहीं पौधे लगाने और उनकी देखभाल का दायित्व बच्चों को देने की बात कहते हैं I जिससे बच्चों में दायित्व-बोध विकसित होगा I वे ये भी लिखते हैं कि जब बच्चे मिट्टी, वृक्ष और जल के महत्व को समझते हैं तभी उनके अंदर पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित होती है I मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी बच्चों को अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने की आदत विकसित करने पर बल देते हैं I जीवन को समझने के लिए घूमना फिरना भी आवश्यक है I पाती इस पर भी बात करती है और बच्चों को ऐसे स्थानों पर ले जाने की बात कहती है जहां वे प्रकृति एवं जैव विविधता का अनुभव करें I वे दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, चूका बीच तथा कतर्निया घाट वन्यजीव विहार जैसे प्राकृतिक सौंदर्य स्थलों का उल्लेख भी करते हैं I वे प्रकृति संस्कृति स्वास्थ्य संस्कार से बच्चों को जोड़ने और जागरूक करने की बात करते हैं ताकि छुट्टियों के समय का अधिक सदुपयोग हो सके और सम्पूर्ण व्यक्तित्व का निर्माण हो सके I मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी अंत में यह भी लिखते हैं कि मेरी आप सभी से अपील है कि इन छुट्टियों को प्लास्टिक मुक्त बनाने का भी संकल्प लें I यात्रा हो या पिकनिक, कपड़े या जूट के थैलों का प्रयोग करें I प्लास्टिक कचरा इधर उधर ना फैलाएं और बच्चों को भी स्वच्छ एवं स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का संदेश दें I छोटे छोटे प्रयास ही भविष्य के बड़े परिवर्तन का आधार बनते हैं I पाती बच्चों, किशोरों और युवाओं से जुड़े विभिन्न विषयों की ओर ध्यान आकृष्ट करती है I पर्यावरण और स्वच्छता पर जागरूक करती है I

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