सोनभद्र। जनपद में बच्चों को कुपोषण से मुक्त कराने के लिए प्रशासन द्वारा प्रभावी पहल शुरू की गई है। डीएम चर्चित गौड़ के निर्देश पर अतिकुपोषित बच्चों को एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) में भर्ती कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए थे कि गंभीर रूप से अतिकुपोषित बच्चों को चिन्हित कर एनआरसी सेंटर में भर्ती कराया जाए, ताकि जनपद को कुपोषण मुक्त बनाया जा सके। इसी क्रम में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग (आईसीडीएस) द्वारा लगातार क्षेत्र भ्रमण कर अतिकुपोषित बच्चों की पहचान की जा रही है। जिला संयुक्त चिकित्सालय परिसर स्थित एनआरसी लोढ़ी में वर्तमान समय में सभी 10 बेड भर चुके हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीत कुमार सिंह ने बताया कि 16 मई 2026 को अपराह्न 2 बजे तक 10 अतिकुपोषित बच्चों को भर्ती कर लिया गया है और सभी बच्चों का विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार चल रहा है।read more:https://pahaltoday.com/deputy-rmo-inspected-wheat-procurement-and-storage-arrangements-at-kaimganj-mandi/ उन्होंने बताया कि एनआरसी में भर्ती बच्चों को पौष्टिक आहार, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, दवाइयां तथा आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो सके। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि कुपोषण केवल स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता का भी विषय है। बच्चों को जन्म से संतुलित आहार, समय पर टीकाकरण, स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य जांच उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि यदि बच्चा उम्र के अनुसार कमजोर हो, बार-बार बीमार पड़ता हो या भोजन ठीक से न करता हो, तो उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा गांव-गांव जाकर बच्चों की स्क्रीनिंग और जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि कोई भी बच्चा कुपोषण का शिकार न रहे और जनपद को कुपोषण मुक्त बनाया जा सके।