अब अस्पताल की तरह 24 घंटे काम करेगी न्यायपालिका’

 जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस कल्चर एंड इंफॉर्मेशन सेंटर में शनिवार को आयोजित ‘फ्रेगमेंटेशन ऑफ फ्यूजन: एम्पावरिंग जस्टिस वाया यूनाइटेड डिजिटल प्लेटफॉर्म इंटीग्रेशन’ कार्यक्रम में भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने न्यायपालिका को 24 घंटे सक्रिय और तकनीक आधारित बनाने की जरूरत पर जोर दिया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सहित न्यायपालिका और प्रशासनिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि जैसे अस्पतालों में मरीजों की पूरी मेडिकल हिस्ट्री एक स्क्रीन पर उपलब्ध रहती है, उसी तरह न्याय व्यवस्था को भी तकनीक के जरिए पूरी तरह एकीकृत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है कि हमारी न्यायपालिका भी अस्पतालों की तरह 24X7 काम करे।” उन्होंने नर्मदा नदी का उल्लेख करते हुए कहा कि छोटी-छोटी धाराओं और झरनों के मिलकर विशाल मां नर्मदा का स्वरूप लेने जैसा ही अनुभव न्यायिक प्रणाली में तकनीकी एकीकरण से हो रहा है।read more:https://pahaltoday.com/shri-durga-ji-mandir-dharma-jagran-and-seva-samiti-has-been-quenching-the-thirst-of-passersby-in-the-scorching-heat-for-29-years/ उन्होंने कहा कि अब कोर्ट, पुलिस, जेल, फॉरेंसिक और मेडिको-लीगल सिस्टम एक साथ समन्वित होकर काम करने में सक्षम हो रहे हैं। विक्रमादित्य का सुशासन समाज के लिए प्रेरणा: सीएम यादव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन और पारदर्शी न्याय व्यवस्था आज भी समाज के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक न्याय व्यवस्था को सरल और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सीएम यादव ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की डिजिटल पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में मूक-बधिरों के लिए मोबाइल एप्लीकेशन आधारित न्याय सुविधा, फाइलों के त्वरित निराकरण और कोर्ट आदेशों के डिजिटल सर्टिफिकेशन जैसे नवाचार किए जा रहे हैं, जिससे न्यायिक प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी और सुगम बनी हैं।

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