बिजनौर । जिले में प्रतिभा का सम्मान करते हुए जिलाधिकारी जसजीत कौर की एक सराहनीय पहल देखने को मिली। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में जिले में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा सृष्टि चौहान को सम्मान के तौर पर एक दिन का सांकेतिक जिलाधिकारी (DM) बनाया गया। सफलता का मंत्र: नियमितता और स्वाध्याय एक दिन की डीएम बनी छात्रा सृष्टि ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों के मार्गदर्शन और घर पर किए गए ‘सेल्फ स्टडी’ (स्वाध्याय) को दिया है। मीडिया से बातचीत में उसने बताया कि वह नियमित रूप से स्कूल जाती थी और सिलेबस को दोहराने के साथ-साथ मॉडल पेपर हल करने पर विशेष ध्यान देती थी। छात्रा का मानना है कि निरंतर अभ्यास और एकाग्रता ही उसकी शानदार उपलब्धि का मुख्य कारण है। भविष्य की योजना: आईएएस बनकर करना चाहती हैं देश सेवा अपनी भावी योजनाओं के बारे में सृष्टि ने स्पष्ट किया कि उसका लक्ष्य देश की सबसे प्रतिष्ठित यूपीएससी (UPSC) परीक्षा पास कर आईएएस अधिकारी बनना है। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए उसने 12वीं कक्षा के लिए साइंस स्ट्रीम (PCM – फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ) का चयन किया है ताकि वह अपनी प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी को मजबूती प्रदान कर सके।read more:https://pahaltoday.com/kinausan-morcha-demonstrated-regarding-public-problems/
जिला अधिकारी जसजीत कौर द्वारा मेधावी छात्रों को इस प्रकार सम्मानित करना न केवल छात्र-छात्राओं का मनोबल बढ़ाता है, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश भी देता है। एक दिन के लिए डीएम की कुर्सी पर बैठकर छात्रा ने न केवल सरकारी कार्यप्रणाली को करीब से देखा, बल्कि उसकी आंखों में भविष्य की बड़ी उड़ान के सपने भी साफ नजर आए।