गाजीपुर। अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित राइफल क्लब सभागार में विद्युत विभाग के कार्यों की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्युत वितरण मंडल गाजीपुर के अधीक्षण अभियंता, विभिन्न वितरण खंडों के अधिशासी अभियंता, उपखंड अधिकारी तथा समस्त अवर अभियंता उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने आईजीआरएस, बिलिंग शिकायतों, ट्रांसफार्मर व्यवस्था, जर्जर तारों, स्मार्ट मीटर तथा विद्युत सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। आईजीआरएस प्रकरणों की समीक्षा के दौरान अधीक्षण अभियंता ने बताया कि अब तक 364 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि 11 प्रकरण लंबित हैं तथा 16 मामलों में असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त हुआ है, जिनका समाधान कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने पाया कि 12 मामलों में शिकायतकर्ताओं से संपर्क तक नहीं किया गया। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्तर से स्वयं आईजीआरएस की समीक्षा की जा रही है, इसलिए शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। साथ ही स्पेशल क्लोज प्रकरणों में भी उपभोक्ताओं का फीडबैक लेना सुनिश्चित करने को कहा।read more:https://pahaltoday.com/traffic-police-crack-down-on-drunk-drive-drive-challan-48-drivers-at-toll-plazas/
बैठक में लगातार आ रही गलत बिजली बिलिंग की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने लंबित बिलिंग शिकायतों का शीघ्र निस्तारण कराने के निर्देश दिए और स्पष्ट कहा कि यदि जांच में मीटर रीडरों की संलिप्तता पाई गई तो उन्हें तत्काल बर्खास्त किया जाएगा। क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों की स्थिति पर जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी ने उनकी बदलने की समय सीमा और सुरक्षा उपायों के बारे में पूछा। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि खराब ट्रांसफार्मरों को 48 घंटे के भीतर बदल दिया जाता है तथा 3 से 4 दिन में मरम्मत का कार्य पूरा हो जाता है। उन्होंने बताया कि ट्रांसफार्मरों में फ्यूज लगाने की व्यवस्था कर उन्हें क्षतिग्रस्त होने से बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने प्रभावी सुरक्षा उपाय अपनाने तथा तय समय सीमा में ट्रांसफार्मर बदलने के निर्देश दिए। विद्युत सुरक्षा की समीक्षा के दौरान लो हैंगिंग तारों का मुद्दा भी उठा। अधिकारियों ने बताया कि आंधी-पानी के दौरान झूल गए तारों को ठीक करा दिया गया है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने जनप्रतिनिधियों और आम जनता से भी फीडबैक लेने तथा विद्युत दुर्घटनाओं से जुड़े मामलों में समय से कागजी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइनों की शिफ्टिंग को लेकर जानकारी देते हुए अधीक्षण अभियंता ने बताया कि विद्युत वितरण खंड नगर और जमानियां में यह कार्य पूरा करा लिया गया है, जबकि अन्य खंडों में 15 जून 2026 तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा। बैठक में जिले के जर्जर तारों को बदलने की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि बिजनेस प्लान के अंतर्गत कई स्थानों पर जर्जर तार बदले गए हैं, लेकिन अभी सभी क्षेत्रों में कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जो तार योजना में शामिल नहीं हो सके हैं, उनका प्रस्ताव तैयार कर तत्काल भेजा जाए। एबीसी केबल योजना की समीक्षा में बताया गया कि जिले में हाई लॉस फीडरों से शुरुआत करते हुए लो लॉस फीडरों तक कुल 1809 किलोमीटर एबीसी केबल बिछाई जा चुकी है। वहीं 15 मई से 22 मई 2026 तक प्रस्तावित मेगा बिजली कैंप को लेकर जिलाधिकारी ने व्यापक प्रचार-प्रसार और प्रेस वार्ता आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की बिजली बिल संबंधी समस्याओं का समाधान कैंप में प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। स्मार्ट मीटर व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को तत्काल पोस्टपेड मोड में परिवर्तित करने के निर्देश दिए। इस पर अधीक्षण अभियंता ने बताया कि मुख्यालय स्तर से सभी प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड मोड में बदला जा चुका है। जिलाधिकारी ने कहा कि इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए ताकि आम जनता में किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे। उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के मीटर अब तक पोस्टपेड मोड में परिवर्तित नहीं हुए हैं, वे विद्युत विभाग से संपर्क कर यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।