डीएम/अध्यक्ष इंडियन रेडक्रास सोसायटी अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देश पर प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत चल रही ’’निक्षय मित्र’’ योजना जिले के टीबी मरीजों के लिए संजीवनी बन रही है। अब मरीजों का इलाज केवल दवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें समाज के सहयोग से पोषण और मानसिक संबल भी मिल रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को जिले के मल्हीपुर, इकौना, गिलौला और सोनवा सीएचसी पर एक ही दिन में करीब 400 टीबी मरीजों को पोषण किट वितरित की गई।
जमुनहा सीएचसी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि दद्दन मिश्रा ने मरीजों को किट प्रदान की और समाज के हर वर्ग से मरीजों की मदद के लिए आगे आने को कहा। उन्होंने कहा एक समय था जब टीबी मरीजों को सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क दवा तो मिल जाती थी, लेकिन पोषण और सामाजिक सहयोग के अभाव में उनके लिए बीमारी से उबरना कठिन हो जाता था। अब स्थिति बदल रही है। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत चल रही निक्षय मित्र पहल ने उपचार को दवा से आगे बढ़ाकर मरीजों को पोषण और मानसिक संबल से जोड़ दिया हैread more:https://khabarentertainment.in/thieves-in-asothr-are-emboldened-they-broke-the-lock-searched-the-house-but-when-they-found-nothing-they-slipped-away-raising-questions-about-police-patrolling/, जिससे उनके स्वस्थ होने की राह मजबूत हो रही है। वहीं, इकौना व गिलौला में विधायक पंडित राम फेरन पांडेय और आशुतोष पांडेय द्वारा 100-100 मरीजों को पोषण पोटलियां बांटी गईं, जबकि सोनवा सीएचसी में भी 100 मरीजों को यह सहायता दी गई। उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संत कुमार ने बताया कि जिले में एक जनवरी से अब तक इलाजरत 1205 में से 630 मरीजों को निक्षय मित्रों के माध्यम से यह लाभ मिल रहा है। इससे मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता और बीमारी से लड़ने का आत्मविश्वास बढ़ा है। सीएमओ डॉ. अशोक कुमार सिंह ने जनपद के संभ्रांत लोगों और समाजसेवियों से अधिक से अधिक संख्या में श्निक्षय मित्रश् बनकर टीबी मरीजों को गोद लेने की अपील की है, ताकि श्रावस्ती को जल्द से जल्द टीबी मुक्त बनाया जा सके।