क्षेत्र में अभूतपूर्व और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली। प्रधानमंत्री के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने किसी भी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए व्यापक इंतजाम किए थे।जनसभा स्थल से लेकर एलिवेटेड कॉरिडोर और रोड शो मार्ग तक पूरे क्षेत्र को कड़े सुरक्षा घेरे में रखा गया था। सुरक्षा व्यवस्था में स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) कमांडो तथा स्थानीय पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रत्येक संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा बलों की निगरानी रही, जिससे पूरे क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।जमीन के साथ-साथ आसमान से भी निगरानी की गई। ड्रोन कैमरों के माध्यम से पूरे कार्यक्रम स्थल पर लगातार नजर रखी जा रही थी, वहीं जगह-जगह लगाए गए सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि को कंट्रोल रूम से मॉनिटर किया जा रहा था। सुरक्षा एजेंसियां कई दिनों से कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में डेरा डाले हुए थीं और हर संभावित खतरे को पहले ही निष्प्रभावी करने की तैयारी की गई थी।जनसभा स्थल पर प्रवेश के लिए सख्त जांच प्रक्रिया अपनाई गई। पंडाल के प्रवेश द्वारों पर कुल आठ मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे, जिनमें पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई थी। महिलाओं की जांच के लिए विशेष केबिन बनाए गए थे, जहां महिला पुलिसकर्मियों द्वारा पूरी सतर्कता के साथ जांच की जा रही थी। बिना जांच किसी भी व्यक्ति को अंदर प्रवेश नहीं दिया गया।read more:https://pahaltoday.com/sampoorna-samadhan-diwas-was-organized-under-the-chairmanship-of-dm/ सुरक्षा व्यवस्था को तीन स्तरों में विभाजित किया गया था। पहली जांच प्रवेश द्वार पर, दूसरी सभा स्थल के मुख्य द्वार पर और तीसरी जांच बैठने के स्थान के बाहर की गई। हर व्यक्ति को स्कैनिंग प्रक्रिया से गुजरना अनिवार्य था। यहां तक कि जेब में रखी छोटी वस्तुओं की भी गहन जांच की गई। कार्यक्रम स्थल के भीतर पानी की बोतल, खाने के पैकेट और अन्य सामान ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहा।कार्यक्रम के दौरान सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भीड़ में मौजूद रहे, जो लोगों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे। रोड शो के दौरान पुष्प वर्षा करने वाली भीड़ के पीछे भी सुरक्षा बल मुस्तैद रहे। इसके अलावा छतों और ऊंची इमारतों पर भी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी, जिससे पूरे क्षेत्र की व्यापक निगरानी सुनिश्चित की जा सके।जनसभा में भारी भीड़ को देखते हुए पंडाल के अंदर और बाहर बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई थीं, जिनके माध्यम से लोग प्रधानमंत्री के संबोधन को आसानी से देख और सुन सके। सभी प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी निगरानी बनी रही।कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहारनपुर दौरे के दौरान की गई यह अभेद और हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था एक उदाहरण बनकर सामने आई। तीन स्तरीय जांच, ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी नियंत्रण और सुरक्षा बलों के बेहतर समन्वय के चलते यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।