लखनऊ: प्रदेश की प्रगति समृद्धि उज्जवल भविष्य को समर्पित प्रतिबद्ध योगी जी की पाती अति सुन्दर, सशक्त, समृद्ध, सरस, अतुल्य और अद्वितीय है उक्त उद्गार व्यक्त करते हुए संजय अवस्थी समाजसेवी ने कहा है कि सृजन के शिखर को स्पर्श करती योगी की पाती कितने ही वर्ण व आयाम समाहित किए हुए हैं I श्री अवस्थी ने कहा कि सृजन की स्पष्ट-दृष्टि ही उज्जवल भविष्य के निर्माण का सशक्त आधार है और जिसका प्रतिबिंब यह पाती है। एकनिष्ठ एकाग्र योगी जी की यह अप्रतिम पाती धारा के अविरल प्रवाह सी है सुरसरि प्रवाह सी है सौंदर्य पर्याय सी है अत्यंत सुखद सी है..उषा किरणमयी है और प्रभात पुष्प-सुरभिमयी है I समरस, सशक्त और समृद्ध प्रदेश के निर्माण का संकल्प लिए योगी जी की पाती कहती है कि बाबासाहेब के विचार अपनाने से ही समरस, सशक्त और समृद्ध प्रदेश के निर्माण का संकल्प पूरा होगा I मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पाती में लिखते हैं कि मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों..14 अप्रैल को भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर जी की पावन जयंती है यह अवसर भारत के संविधान की रूपरेखा तैयार करने वाले उस महान व्यक्तित्व को कृतज्ञता अर्पित करने का है जिसकी दृष्टि से करोड़ों लोगों को गरिमामयी जीवन का अधिकार मिला I read more:https://pahaltoday.com/indian-administrative-service-officers-recruited-from-state-civil-services-and-attending-the-128th-induction-training-programme-at-lbsnaa-call-on-the-president/ वे लिखते हैं कि वैसे तो विजन, मिशन और लगन के धनी बाबासाहेब के हर शब्द प्रेरक हैं, परंतु आर्थिक आयाम और शिक्षा के प्रति उनकी दृष्टि अमूल्य है I उन्होंने राजकोषीय संघवाद का विचार दिया I साथ ही कहा था, “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो “..अपने समय में बाबासाहेब भारत के सर्वाधिक शिक्षित लोगों में एक थे I 35 हजार से अधिक पुस्तकों के संग्रहकर्ता बाबासाहेब 16 से 18 घन्टे प्रतिदिन अध्ययन करते थे I योगी जी लिखते हैं कि स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री बाबासाहेब की पहचान न्यायविद, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ एवं संवदेनशील समाज सुधारक की है I बाबासाहेब ने घर पर सहयोग के लिए सुदामा नाम के व्यक्ति को रखा था I एक बार सुदामा देर रात फिल्म देखकर लौटे, तो बाहर ही सो गए I सुबह सुदामा जागे, तो उन्होंने पाया कि बाबासाहेब ने उनके ऊपर अपना ओवरकोट ओढ़ा दिया है I योगी जी आगे लिखते हैं कि बाबासाहेब के विचारों को अपनाकर हमारी सरकार न्याय और समता के आदर्शों के अनुरूप प्रत्येक गरीब, वंचित, महिला और युवा तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है- चाहें वह राशन, आवास, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं हों या ‘घरौंनी’ के माध्यम से महिलाओं को मालिकाना अधिकार I छात्रवृत्तियां, सामूहिक विवाह योजना, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना वंचितों के लिए सबल बनी I अटल आवासीय विद्यालयों में वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है I