गाजियाबाद: भारतीय जनता पार्टी की महिला मोर्चा पश्चिम क्षेत्र की क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मोनिका पंडिता ने नारी सशक्तिकरण को लेकर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत की संस्कृति में नारी को सदैव शक्ति, श्रद्धा और सृजन का प्रतीक माना गया है। उन्होंने कहा कि हमारे शास्त्रों में भी स्पष्ट रूप से उल्लेख है । यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता, अर्थात जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास होता है।मोनिका पंडिता ने कहा कि वर्तमान समय नारी सशक्तिकरण का युग है, जिसमें महिलाएं घर की चारदीवारी से निकलकर हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा, विज्ञान, राजनीति, सेना, खेल और व्यापार जैसे क्षेत्रों में महिलाओं ने अपनी एक मजबूत पहचान स्थापित की है और लगातार आगे बढ़ रही हैं।उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति वंदन” केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि एक संकल्प है। यह ऐसे समाज के निर्माण का प्रतीक है जहां महिलाएं आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सम्मानित जीवन जी सकें। आज महिलाएं केवल सहभागी नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता के रूप में उभर रही हैं और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।read more:https://khabarentertainment.in/a-review-meeting-of-land-acquisition-works-was-held-under-the-chairmanship-of-dm/ मोनिका पंडिता ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को समान अधिकार और अवसर प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। महिला आरक्षण और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसी योजनाएं इस दिशा में अहम साबित हो रही हैं। इन पहलों से न केवल महिलाओं का सशक्तिकरण हो रहा है, बल्कि देश के समग्र विकास को भी गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि नारी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव है। उसकी शक्ति, सहनशीलता और नेतृत्व क्षमता ही देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है। ऐसे में समाज के हर वर्ग का यह दायित्व बनता है कि वह महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करे और उनके सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।अंत में मोनिका पंडिता ने देश के प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव समाज में स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि नारी सम्मान और सशक्तिकरण को जन आंदोलन का रूप दिया जाए।