कायमगंज /फर्रुखाबाद भारतीय कृषक एसोसिएशन की एक महत्वपूर्ण किसान पंचायत का आयोजन प्रदेश अध्यक्ष पं० गोपाल तिवारी की अध्यक्षता एवं रामवीर के संचालन में किया गया। पंचायत में क्षेत्रीय गांव नगला वसोला के किसानों के साथ हुई घटना को लेकर भारी रोष व्यक्त किया गया।किसानों ने आरोप लगाया कि गांव में पट्टे पर प्राप्त कृषि भूमि पर उन्होंने मेहनत से गेहूं की फसल तैयार की थी। फसल पकने के बाद बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के एसडीएम कायमगंज द्वारा बड़े क्षेत्रफल में खड़ी फसल को कटवा लिया गया। जब इस मामले की शिकायत स्थानीय विधायक से की गई, तो किसानों का आरोप है कि एसडीएम ने विधायक प्रतिनिधि के साथ भी अभद्र व्यवहार किया। विरोध करने पर किसानों को बताया गया कि पट्टा निरस्त कर दिया गया है, जबकि इस संबंध में उन्हें कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई। पंचायत में किसान नेताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एसडीएम कायमगंज की भू-माफियाओं से सांठगांठ है और दलालों के माध्यम से अवैध वसूली की जा रही है। साथ ही धारा 107-116 की जमानत के नाम पर भी धन उगाही के आरोप लगाए गए।read more:https://pahaltoday.com/young-man-brutally-murdered-by-slitting-his-throat-chaos-in-the-house/* किसानों की प्रमुख मांगें:*कटवाई गई गेहूं की फसल तत्काल किसानों को वापस की जाए!किसानों के पट्टे निरस्त न किए जाएं!एसडीएम कायमगंज को तत्काल तहसील से हटाया जाए!पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो!गंगा कटरी क्षेत्र की जमीन किसानों को वापस दी जाए!किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी जमीन और फसल वापस नहीं की गई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।* निजी स्कूलों पर भी उठे सवाल:*पंचायत में किसानों ने निजी स्कूलों की मनमानी पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूल अभिभावकों को महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं।इस पर किसानों ने मांग की कि केवल NCERT/SCERT की स्वीकृत पुस्तकों को ही लागू किया जाए तथा एडमिशन, परीक्षा शुल्क और अन्य मदों में की जा रही अतिरिक्त वसूली पर सख्ती से रोक लगाई जाए।* शासन – प्रशासन से अपील:*किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से मांग की कि सभी समस्याओं के समाधान हेतु स्पष्ट आदेश जारी कर उनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए। आयोजित किसान पंचायत में प्रदेश अध्यक्ष पं० गोपाल तिवारी, मुन्नालाल सक्सेना, रामवीर सिंह, विनीत सक्सेना, सुनील कुमार, महिपाल राजपूत, प्रताप सिंह गंगवार सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।