सोनभद्र। पिपरी थाना अंतर्गत रेनुकूट के खाड़पाथर स्थित बाबूराम सिंह महाविद्यालय के मेन गेट व इंटरलाकिंग वाले रास्ते को जेसीबी मशीन से खुदवाकर गेट व बाउंड्री का निर्माण कराकर रास्ता बंद करने के मामले को काफी गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने 24 घंटे के भीतर प्रश्नगत गेट व चाहरदिवारी को हटाए जाने का फरमान जारी किया है। राधिका मेमोरियल ट्रस्ट के द्वारा अधिवक्ता के जरिए दायर याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने 3 अप्रैल को यह फैसला सुनाया है। न्यायालय द्वारा जारी आदेश के बावजूद न तो प्रश्नगत गेट और न ही चाहरदिवारी ही हटाई गई। महाविद्यालय का रास्ता बंद कर दिए जाने से बच्चों का भविष्य खतरे में है।महाविद्यालय की प्रिंसिपल जोली अम्बेस्टा ने अतिक्रमणकारियों समेत स्थानीय थाना पुलिस पर न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि स्थानीय थाना पुलिस अतिक्रमणकारियों से मिली है।read more:https://pahaltoday.com/dharmendra-pradhan-addressed-diplomats-from-over-50-countries-at-the-study-in-india-education-diplomatic-conclave-2026-held-in-new-delhi/ न्यायालय के आदेश के बावजूद न तो महाविद्यालय जाने वाले मुख्य मार्ग से गेट और न ही चाहरदिवारी ही तय समय सीमा के भीतर हटाई गई। स्थानीय पुलिस दबाव में आकर उनके साथ ही महाविद्यालय के 19 नामजद शिक्षक-शिक्षिकाओं समेत 3 अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर दी है। प्रिंसिपल ने यह भी आरोप लगाते हुए बताया कि उनके कार्यालय के मुख्य द्वार को अतिक्रमणकारियों द्वारा तोड़ दिया गया है। कार्यालय के अंदर तमाम विद्यार्थियों के अंक प्रमाण पत्र समेत तमाम जरूरी कागजात रखे गए हैं। यदि किसी भी विद्यार्थी का अंक प्रमाण खो जाएगा तो संबंधित बच्चे का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। उधर लगाए जा रहे आरोपों के बावत पिपरी थानाध्यक्ष के सीयूजी नंबर पर काल कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। सीयूजी नंबर पर फोन करने पर पिपरी थाना में तैनात एक एसआई ने काल रीसिव कर जानकारी देते हुए कहा कि इस मामले में उन्हें बहुत जानकारी नहीं है। यह मामला रेनुकूट पुलिस चैकी के अंतर्गत आता है। रेनुकूट चैकी इंचार्ज ही मामले में जानकारी दे सकते हैं। बाद रेनुकूट चैकी इंचार्ज से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन वे मौजूद नहीं मिले।