उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति के निर्देशानुसार मिर्जापुर से हज 2026 पर जाने वाले सभी हज यात्रियों के लिए ट्रेनिंग कैम्प आयोजन का आज दिनांक 05 अप्रैल 2026 दिन रविवार को मदरसा अरबिया इलियट घाट मिर्जापुर में किया गया। ट्रेनिंग कैम्प की शुरुआत तिलावते कुरआन शरीफ से हुई। कैम्प में उपस्थित सभी हज जायरीन को मास्टर ट्रेनर मौलाना नज़म अली खाँ के द्वारा हज का सफर शुरु करने से लेकर घर वापस आने तक की प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी गयी, साथ ही साथ एहराम बांधने और उमरा व हज की तमाम बारीकियों से अवगत कराया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हज के लिए निकलने का मतलब यह है कि आप अब राहे खुदा में निकल चुके हैं इसलिए यह समझ लीजिए कि मौत करीब है, दुनिया को खैराबाद कहें और दीन के कामों में लग जायें। अल्लाह और उसके रसूल ने जो बातें बताई हैं उसपर अमल करना और जिनसे मना किया है उससे रुक जाना हम सबका हमेशा के लिए अमल होना चाहिए। तभी हज्जे मबरुर की सआदत मिलेगी और जो हज नामो नमूद के लिए होगा वो हज, हज्जे मबरुर नहीं होगा।read more:https://worldtrustednews.in/a-comprehensive-awareness-campaign-was-conducted-regarding-womens-safety-empowerment-and-legal-rights/ इस दौरान जिला हज ट्रेनर हाजी मोहम्मद सैफ अन्सारी ने हज के सफर में सऊदी हुकुमत द्वारा प्रतिबंधित सामानों के साथ ही हैण्ड बैग व बुकिंग लगेज में रखने वाले सामानों के बारे में बताया। हाजी अमानुल्लाह अन्सारी ने हज यात्रियों को जानकारी दी कि हज सुविधा ऐप मोबाइल में डाउनलोड कर लें, जो कि हाजियों की सहूलियात के लिए बनाई गई है। साथ ही साथ इस दफा हज कमेटी सभी हज यात्रियों को स्मार्ट वॉच दे रही है, जिसमें आधुनिक तकनीक मौजूद है जो हज की लोकेशन से लेकर रास्ता तक बताने का काम करेगी। मदरसे के प्रबन्धक मोहम्मद परवेज़ ख़ान ने हज यात्रियों से अपील की कि वे मक्का, मदीना में अल्लाह की बारगाह में अपने वतन हिन्दुस्तान की खुशहाली, अमन-शान्ति और तरक्की के लिए दोवा करें। मो० अशफाक ख़ाँ व हाजी मो० अय्यूब ख़ान ने भी हज यात्रियों को खुसूसी जानकारी दी।कार्यक्रम के अन्त में आये हुए सभी हज जायरीन व मेहमानों का शुक्रिया अदा किया गया व एक साहबे खैर की तरफ से हज किट दिया गया, जिसमें एहराम, तस्बीह, जा’नमाज़, छाता वगैरह व दीगर चीज़े थीं। उक्त कार्यक्रम में मुख्य रुप से हाजी शमीम अहमद, हाजी मो० सलीम, हाजी मो० अकरम कुरैशी, मौलाना नूरुल इस्लाम, मौलाना शम्सुद्दीन, इरशाद ख़ाँ, हज्जन शहनाज़ परवीन व शहर के गणमान्य लोग उपस्थित थें।