गाजीपुर। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत जिले में गेहूं खरीद व्यवस्था को सुचारू और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) दिनेश कुमार ने जंगीपुर मंडी स्थित विपणन शाखा गेहूं क्रय केंद्र एवं भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) डिपो का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया गया।निरीक्षण में पाया गया कि केंद्र पर समर्थन मूल्य एवं टोल फ्री नंबर सहित आवश्यक बैनर प्रदर्शित हैं तथा किसानों के बैठने और पेयजल की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। गेहूं की सफाई के लिए विनोइंग फैन, जाली छलना, नमी मापक यंत्र और पावर क्लीनर जैसे उपकरण मौजूद मिले। इलेक्ट्रॉनिक कांटे का सत्यापन भी बाट-माप विभाग द्वारा किया गया पाया गया। केंद्र पर मानक नमूना प्रदर्शित है और ई-उपार्जन के लिए लैपटॉप व इंटरनेट सुविधा उपलब्ध है।एडीएम ने निर्देश दिया कि जैसे ही गेहूं की आवक शुरू हो, नियमानुसार खरीद सुनिश्चित की जाए और क्षेत्र के गांवों में संपर्क बढ़ाकर किसानों को अधिकाधिक संख्या में केंद्र तक लाया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी किसान को अनावश्यक रूप से वापस नहीं किया जाएगा और सभी केंद्र प्रभारी शिष्टाचारपूर्वक व्यवहार करें, अन्यथा शिकायत मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने बताया कि किसान अपनी सुविधा के अनुसार जनपद के किसी भी केंद्र पर गेहूं बेच सकते हैं। यदि गेहूं की सफाई या छनाई की आवश्यकता होती है, तो किसान स्वयं या केंद्र के श्रमिकों से यह कार्य करा सकते हैं, जिसका अधिकतम भुगतान 20 रुपये प्रति कुंतल तक होगा। यह राशि पीएफएमएस के माध्यम से किसानों के खाते में समर्थन मूल्य के अतिरिक्त दी जाएगी।एडीएम ने अवैध गेहूं परिवहन पर कड़ी निगरानी रखने, सभी केंद्रों पर मोबाइल नंबर सक्रिय रखने और निर्धारित समय सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक केंद्र खोलने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि किसी भी स्थिति में ऑफलाइन कार्य स्वीकार नहीं होगा और गेहूं का त्वरित परिवहन एफसीआई डिपो तक सुनिश्चित किया जाए।किसानों से अपील करते हुए उन्होंने बताया कि इस वर्ष पंजीकरण प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। पिछले वर्ष गेहूं बेचने वाले किसान स्वतः सत्यापित माने जाएंगे, जबकि अन्य किसानों का सत्यापन एग्रीस्टैक, ई-पड़ताल डाटा एवं आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर किया जाएगा।उन्होंने किसानों से अनुरोध किया कि वे खाद्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या “यूपी किसान मित्र” ऐप के माध्यम से शीघ्र पंजीकरण कराएं, ताकि उनकी उपज की खरीद समय पर और सुगमता से हो सके।