देहरादून : देहरादून जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति बढ़ाने के प्रयासों के बावजूद स्थिति सामान्य नहीं हो पा रही है। सोमवार को लगभग 15,020 घरेलू और 512 व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की गई जबकि प्रशासन के पास स्टॉक में 35,262 घरेलू और 1,313 व्यावसायिक सिलेंडर उपलब्ध हैं। इसके बावजूद मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर बना है, जिससे संकट बरकरार है।एलपीजी की कालाबाजारी रोकने और शत-प्रतिशत होम डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने क्षेत्रवार क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) का गठन किया है।इन टीमों ने गैस एजेंसियों का निरीक्षण कर मांग, आपूर्ति और वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। हालांकि इन प्रयासों के बावजूद हालात चिंताजनक बने हुए हैं।आंकड़ों के अनुसार घरेलू गैस सिलेंडरों का बैकलॉग सोमवार को फिर बढ़कर करीब 90 हजार तक पहुंच गया है, जो आपूर्ति व्यवस्था की चुनौतियों को दर्शाता है। उधर, जिला प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 पर एलपीजी आपूर्ति से जुड़ी 12 शिकायतें दर्ज की गई हैं। जिला खाद्य पूर्ति विभाग के कंट्रोल रूम की ओर से समस्याओं के त्वरित समाधान का दावा किया जा रहा है।
दिल्ली-दून-क्सप्रेस वे: अप्रैल में पीएम मोदी करेंगे शुभारंभ, केदारनाथ धाम के कपाटोद्घघाटन पर हैं आ सकते
देहरादून : दिल्ली-देहरादून-एक्सप्रेस वे का अप्रैल में प्रधानमंत्री मोदी शुभारंभ करेंगे। अप्रैल के पहले सप्ताह या केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर 22 अप्रैल को प्रधानमंत्री उत्तराखंड आ सकते है। 211 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस वे का उद्घाटन अब जल्द होगा।दिल्ली पहुंचने में घंटों लग जाते थे, अब यह दूरी महज 20 से 25 मिनट में पूरी की जा सकेगी। एक्सप्रेसवे पूरी तरह शुरू हो जाने के बाद दिल्ली से देहरादून का सफर दो-ढाई घंटे में पूरा होगा। अभी इसमें 6-6:30 घंटे लगते हैं। उम्मीद की जा रही है जल्द ही पूरे एक्सप्रेसवे को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे 6 लेन का है। करीब 210 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे अक्षरधाम से देहरादून तक जाता है। इस पर करीब 13,000 करोड़ रुपये की लागत आई है। दिल्ली में इसका एलिवेटेड हिस्सा सीधे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ता है, जिससे दिल्ली से पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड का सड़क संपर्क और तेज हो गया है।ह एक्सप्रेसवे उत्तराखंड की हसीन वादियों की सैर करने जाने वाले सैलानियों, पहाड़ी राज्य से काराबोर के सिलसिले में राजधानी आने वाले व्यापारियों, उद्यमियों और आम यात्रियों के लिए परिवर्तनकारी होगा। एक्सप्रेसवे के रास्ते दिल्ली से देहरादून जाने में दो से ढाई घंटे लगेंगे, जो अभी छह से साढ़े छह घंटे लगते हैं।
आसान वैकल्पिक कनेक्टिविटी दे रहा एलिवेटेड हिस्सा खुलने से सिर्फ खेकड़ा और आसपास के लोगों को ही नहीं, बल्कि बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और पूरे उत्तराखंड के यात्रियों को भी बड़ा फायदा मिला है। यह मार्ग इन जिलों को दिल्ली-एनसीआर से तेज, आसान वैकल्पिक कनेक्टिविटी दे रहा है।कई सड़कें जिन पर रोज जाम लगता था, अब उनका लोड इस एक्सप्रेसवे पर शिफ्ट हो जाएगा।एक्सप्रेसवे पूरी तरह खुलने के बाद दिल्ली से देहरादून का सफर ढाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा। पहले यह दूरी तय करने में लगभग 6.30 घंटे लगते थे। यह बदलाव यात्रियों, पर्यटकों, व्यापारियों और उद्योग जगत के लिए गेमचेंजर साबित होगी।