लखनऊ: “खेल से खुशी: युवाओं के लिए खेल” पहल के अंतर्गत सतरिख मिनी स्टेडियम में एक सफल कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों, किशोरों, समुदाय के सदस्यों और विभिन्न हितधारकों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम का उद्देश्य खेलों को बढ़ावा देना और सामुदायिक कल्याण को सशक्त करना है।यह पहल सीआईआई फाउंडेशन द्वारा संचालित है, जिसे हेल एनर्जी का सहयोग प्राप्त है तथा ताराश्री फाउंडेशन के साथ साझेदारी में लागू किया जा रहा है।कार्यक्रम की शुरुआत ताराश्री फाउंडेशन की संस्थापक विभा एवं इप्शा सिंह द्वारा स्वागत और पहल के परिचय से हुई, जिसमें युवाओं के विकास हेतु सुलभ खेल अवसंरचना के महत्व पर प्रकाश डाला गया। इसके बाद फेलोशिप कार्यक्रम की प्रतिभागियों ने “अरमान हूँ मैं” गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को प्रेरणादायक स्वर प्रदान किया।कार्यक्रम में सुश्री आकांक्षा गुप्ता, उप-जिलाधिकारी (SDM), बाराबंकी एवं सुश्री प्रीति वर्मा, खंड विकास अधिकारी (BDO), हरख ब्लॉक की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने बच्चों और किशोरों को उनके समग्र विकास के लिए खेलों में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया।कार्यक्रम की प्रमुख झलकियों में स्टेडियम में खेल सुविधाओं का उद्घाटन तथा वॉलीबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन, बास्केटबॉल और टेबल टेनिस के लिए स्पोर्ट्स किट का वितरण शामिल रहा। साथ ही तारा मेमोरियल टेबल टेनिस चैम्पियनशिप का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विजेताओं को ट्रॉफी एवं अन्य प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को स्पोर्ट्स किट भी प्रदान की गईं, जिससे खेलों में उनकी निरंतर भागीदारी सुनिश्चित हो सके और नियमित शारीरिक गतिविधि को बढ़ावा मिले। इस अवसर पर सुनील मिश्रा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सीआईआई फाउंडेशन ने युवाओं के विकास में खेलों की भूमिका पर बल देते हुए कहा कि भारत वर्ष 2036 में ओलंपिक की मेजबानी की दिशा में अग्रसर है और ऐसी पहलें युवाओं को वैश्विक मंच तक पहुँचाने में सहायक होंगी। कार्यक्रम में अतुल कुमार सिंह, निदेशक, गणपति एग्रो ने भी अपने विचार साझा किए। समापन संबोधन श्री आलोक शुक्ला, निदेशक एवं उत्तर प्रदेश राज्य प्रमुख, भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा किया गया।“खेल से खुशी: युवाओं के लिए खेल” पहल का उद्देश्य बच्चों और किशोरों के लिए खेलों तक समान अवसर सुनिश्चित करना, उनमें आत्मविश्वास एवं जीवन कौशल का विकास करना, विशेष रूप से बालिकाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना, तथा संरचित मंचों के माध्यम से सामुदायिक सहभागिता को सुदृढ़ करना है—जिससे बाराबंकी में समग्र जमीनी विकास को गति मिल सके।