गाजीपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ, 1.24 लाख से अधिक मामलों का हुआ निस्तारण

गाजीपुर। जनपद न्यायालय गाजीपुर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोक अदालत के माध्यम से जहां एक ओर समय की बचत होती है, वहीं लंबे समय से लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण का यह अत्यंत प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत के जरिए निस्तारित मामलों के विरुद्ध कोई अपील नहीं होती और विवाद हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है। उन्होंने अधिकारियों से अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण कर आपसी सुलह-समझौते की भावना को बढ़ावा देने का आह्वान किया।नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत एवं अपर जिला जज कोर्ट संख्या-1 शक्ति सिंह ने कहा कि लोक अदालत समाज के सभी वर्गों, विशेषकर किसानों, मजदूरों और जवानों को समर्पित है। छोटे-छोटे मामलों का सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण होने से न्यायालयों का भार कम होता है और आम जनता को शीघ्र न्याय मिल पाता है।read more:https://pahaltoday.com/call-for-chalo-ghazipur-resonates-at-pda-chaupal-preparations-underway-to-make-kanshi-ram-jayanti-grand/  सचिव, पूर्णकालिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गाजीपुर अर्चना ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1 लाख 34 हजार 668 मामलों को निस्तारण के लिए सूचीबद्ध किया गया था, जिनमें से 1 लाख 24 हजार 490 मामलों का अंतिम रूप से सुलह-समझौते व संस्वीकृति के आधार पर निस्तारण किया गया। इनमें विभिन्न न्यायालयों द्वारा 13 हजार 500 तथा बैंक एवं अन्य विभागों द्वारा 1 लाख 10 हजार 990 मामलों का निस्तारण किया गया। परिवार न्यायालय में 24 विवाहित जोड़ों के बीच सुलह कराकर उनकी विदाई कराई गई। वहीं बैंकों से संबंधित लगभग 7 करोड़ 34 लाख रुपये के मामलों का भी निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर वृद्धा, दिव्यांग एवं विधवा पेंशन के लिए शिविर लगाया गया। साथ ही एक मेडिकल कैम्प का भी आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इसके अतिरिक्त बिजली बिल, गृहकर, जलकर एवं अन्य सामाजिक योजनाओं से संबंधित पंडाल भी लगाए गए। जनपद न्यायाधीश द्वारा कुछ दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल आदि भी वितरित की गई।इस अवसर पर पी.ओ. (एम.ए.सी.टी.) संजय हरिशुक्ला, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय शैलोज चन्द्रा, अपर जिला जज अली रजा, अभिमन्यू सिंह, रामअवतार प्रसाद, अलख कुमार, विजय कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नूतन द्विवेदी, सिविल जज (सी.डी.) अमित कुमार, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिपेन्द्र कुमार गुप्ता, अपर सिविल जज (सी.डी.) श्वेतांक चौहान, सिविल जज (सी.डी.)/एफ.टी.सी. अनन्त कुमार, सिविल जज (जू.डी.) दीक्षा त्रिपाठी, न्यायिक मजिस्ट्रेट मेहनाज खाँ, अपर सिविल जज (जू.डी.) मनी वर्मा, श्वेता नैन, शिवानी, संदेश कुमार पासवान, सोनाली प्रिया गौर व रंजना देवी सहित न्यायालय के कर्मचारीगण एवं वादकारी उपस्थित रहे।

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