विगत 2 माह से रावण के दरबार में चल रहा रामायण का पाठ

विगत 2 माह से रावण के दरबार में चल रहा रामायण का पाठ

नटेरन ग्राम रावण में विगत 2 माह से चल रही रामायण का पाठ रावण के दरबार में स्थानीय निवासी चंद्रप्रकाश तिवारी ने बताया कि रावण महाराज की महिमा अलग है अगर ग्राम वासियों में से किसी के घर भी कोई भी कार्यक्रम होता है तो सर्वप्रथम रावण महाराज आमंत्रित करना पड़ता है अगर  रावण महाराज को आमंत्रित या भोग नहीं लगाया गया तो जो भी शुभ कार्य कर रहे हैं उसमें किसी ना किसी प्रकार की बाधा आ जाती है ऐसा ही वाक्य एक बार आ गया था कि रावण महाराज को भूल गए थे,

 

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किसी कार्यक्रम शुभ अवसर पर तो उसके घर कढ़ाई का तेल गर्म नहीं हुआ तो वह वह घबरा गया मेरे घर मेहमान बैठे हुए हैं और अभी तक कढ़ाई गर्म क्यों नहीं हो रही है तब उसे अचानक याद आया कि मैंने रावण महाराज को भोग नहीं लगाया है इसी कारण से जैसे उसने रावण महाराज को भोग लगाया तो उसकी कढ़ाई अपने आप गर्म होने लग गई वही तिवारी ने बताया कि यह प्रतिमा जब रावण महाराज का साम्राज्य था तभी से यहां पर स्थापित है पूर्वज बताते हैं यहां पर एक राक्षस का राज्य था ,

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वह रावण से मिलने के लिए जाया करता था रावण उस से अति प्रसन्न हुआ उसने कहा तू क्यों बार-बार  परेशान हुआ करता है मेरी प्रतिमा तू अपने स्थान से थोड़ी दूर स्थापित कर ले जो लाभ तुझे यहां आने पर मिलता है वही लाभ तुझे वहां से प्राप्त होगा तभी से रावण ग्राम में रावण महाराज की प्रतिमा स्थापित है वही तिवारी का कहना है कि अगर प्रतिमा को खड़ा कर दिया जाए तो गांव में किसी ना किसी प्रकार की विपत्ति आ जाती है: बाइट स्थानीय निवासी चंद्र प्रकाश तिवारी


 नितेश नामदेव की रिपोर्ट

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