दिल्ली मॉडल की प्रशांसा कर रहे विधायकों को याद रखना चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट ने अस्पतालों की जर्जर हालत के लिए फटकार भी लगाई थी : बिधूड़ी

दिल्ली मॉडल की प्रशांसा कर रहे विधायकों को याद रखना चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट ने अस्पतालों की जर्जर हालत के लिए फटकार भी लगाई थी : बिधूड़ी

नई दिल्ली, 14 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कोरोना महामारी की रोकथाम में विफल हुई केजरीवाल सरकार के खिलाफ जमकर हमला बोला है। सोमवार को दिल्ली विधानसभा के एक दिवसीय सत्र में कोरोना महामारी पर हुई अल्पकालिक चर्चा में हिस्सा लेते बिधूड़ी ने कहा कि आज जिस दिल्ली मॉडल की तारीफ आम आदमी पार्टी के विधायक कर रहे हैं उन्हें नहीं भूलना चाहिए कि दिल्ली के अस्पतालों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की थी  कि इन अस्पतालों में मरीजों का हाल जानवरों से भी बदतर है और ये अस्पताल यातना शिविर बन गए हैं।

बिधूड़ी ने कहा कि उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था कि जुलाई के अंत तक मरीजों की संख्या 5.5 लाख हो जाएगी, जबकि स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा था कि यह महामारी दो साल तक रहने वाली है। दोनों नेताओं के बयानों से दिल्ली में भय का माहौल बन गया था। उसके बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर गृहमंत्री शाह ने बैठक बुलाई और महामारी की रोकथाम के लिए काम किया गया, तब जाकर कोविड-19 का प्रकोप राजधानी दिल्ली में रुका। उन्होंन कहा कि यह केंद्र सरकार है जो दिल्ली में कोविड के लिए 20 हजार नए बेड की व्यवस्था और सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीमीटर, पीपीई किट आदि उपलब्ध कराए। वहीं घर-घर टेस्टिंग की व्यवस्था कराई। 169 स्थानों पर एंटीजेन टेस्टिंग के इंतजाम किए गए, टेस्टिंग की कीमत को निर्धारित किया गया, ताकि लूटखसोट न हो सके।

बिधूड़ी ने विधासभा के सदस्यों से पूछा कि आखिर इतना सब करने के बाद क्या इस सदन को प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री शाह के प्रति आभार व्यक्त करना हमारा कर्तव्य नहीं बनता है? उन्होंने कहा कि जब लाखों लोग दिल्ली छोड़कर जाने लगे तब भाजपा के कार्यकर्ताओं ने ऐसे लोगों को भोजन, कपड़े और जूते-चप्पल आदि तक देने का काम किया।

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