परेशान ग्रामीणो ने अमरण अनशन पर बैठने का लिया फैसला

परेशान ग्रामीणो ने अमरण अनशन पर बैठने का लिया फैसला

रिपोर्ट : उत्कर्ष श्रीवास्तव / क्राइम रिपोर्टर

रायबरेली । सार्वजनिक रास्ता न खुलवाए जाने से परेशान ग्रामीणो ने अमरण अनशन पर बैठने का फैसला लिया है। शुक्रवार को भदोखर थाना क्षेत्र के  पूरे गोपाल मजरे मनेहरू गांव  के ग्रामीणो  ने जानकारी देते हुए   पुनः जिला अधिकारी को शिकायती पत्र सौपा। ग्रामीणो ने बताया  कि गांव के ही एक दबंग व्यक्ति ने आधे गांव का सैकड़ो वर्ष पुराना रास्ता बंद कर दिया है। जिससे ग्रामीणो को भारी दिक्कतो का सामान करना पड रहा है। थाने से न्याय न मिलने पर ग्रामीणो ने जिला अधिकारी   व पुलिस अधीक्षक का दरवाजा खटखटाते हुए न्याय कि गुहार लगाई थी। 21 जुलाई को दिए गए शिकायती पत्र के बाद  जिला अधिकारी ने जल्द न्याय का भरोसा भी दिलाया था। ग्रामीणो ने   लगभग दस दिन बाद क्षेत्रीय लेखपाल के द्वारा की गई जांच मे पक्षपात का आरोप लगाया है । शिकायत कर्ताओ की माने तो रास्ते मे  चबूतरा बना कर सार्वजनिक रास्ता बंद कर दिया गया  है । गांव वालो के विरोध करने पर दबंगो ने  गाली गलौज करते हुए मार पीट पर अमादा होकर ईट पत्थर चला दिया । जिससे सभी ग्रामीणो को अपनी जान बचा कर भागना पडा । सूचना पर पहुंची डायल हंड्रेड के पुलिस कर्मीयो को भी बैरंग वापस लौटना पड़ा ।  दबंगो की ऊंची पहुंच  पुलिस व तहसील प्रशासन पर भी भारी पड़ा रही है। जिस के चलते क्षेत्रीय लेखपाल जांच के नाम पर उच्च अधिकारियो को गुमराह कर रहे है । विनय कुमार बाजपेई ने बताया कि जल्द  रास्ता न खुलवाया गया तो जिलाधिकारी कार्यालय के सामने  ग्रामीणो के साथ अमरण अनशन किया जाएगा । जिस की पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी । क्षेत्रीय लेखपाल राम सजीवन ने बताया कि यह मामला दिवानी का है। रास्ता आबादी की भूमी पर होने से  मेरे पास इस का कोई साक्ष्य नही है।

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