29 वर्षों बाद रक्षाबंधन पर विशेष संयोग

29 वर्षों बाद रक्षाबंधन पर विशेष संयोग

भाई बहन का त्यौहार रक्षाबंधन इस बार है बेहद खास


रिपोर्ट : आशुतोष अवस्थी / ब्यूरो चीफ


बछरावां रायबरेली। विकास क्षेत्र के अंतर्गत खालेगांव निवासी रामचरितमानस एवं भगवत कथा मर्मज्ञ आचार्य हरेराम मिश्र (विजय राघव कुंज प्रमोद वन अयोध्या) ने बताया कि इस वर्ष रक्षाबंधन के अवसर पर विशेष संयोग बन रहा है यह शुभ संयोग 29 वर्षों बाद बन रहा है रक्षाबंधन का विशेष महत्व है उन्होंने कोराेना वायरस के बढ़ते हुए संक्रमण को ध्यान में रखकर रक्षाबंधन का त्यौहार विशेष सतर्कता के साथ मनाने की अपील की है। पंडित हरेराम मिश्र ने संवाददाता दीपचंद मिश्रा से बातचीत करते हुए कहा कि श्रावण शुक्ल पूर्णिमा जिसे श्रावणी पूर्णिमा भी कहा जाता है स्नान दान एवं व्रत व रक्षाबंधन का त्यौहार 3 अगस्त 2020 दिन सोमवार को मनाया जाएगा। अधिकतर रक्षाबंधन के पर्व पर भद्रा नक्षत्र का साया रहता था, लेकिन इस वर्ष मकर राशि का भद्रा सुबह दिन में 8:28 तक ही रहेगा। इसका प्रभाव मृत्युलोक में नहीं रहता है,पूर्णिमा तिथि में ही रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है, पूर्णिमा तिथि सूर्योदय रात 8:20 तक ही रहेगी इस समय श्रवण नक्षत्र सुबह 7: 33 से रात तक व्याप्त रहेगा। आयुष्मान योग सुबह 7:46 से लगेगा जिसमें बहनें अपने भाईयों को राखी पूरे दिन बांध सकती हैं भाई बहन का पवित्र त्यौहार रक्षाबंधन इस बार बेहद खास होगा। इस वर्ष रक्षाबंधन पर सर्वार्थ सिद्धि योग और दीर्घायु आयुष्मान का शुभ संकेत और संयोग बन रहा है।रक्षाबंधन पर ऐसा शुभ संयोग 29 वर्षों बाद आया है, और साथ ही साथ इस वर्ष भद्रा नक्षत्र का प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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