राष्ट्रीय शिक्षा नीति प्रतिभाओं का विकास करेगी: डॉ. निशंक

राष्ट्रीय शिक्षा नीति प्रतिभाओं का विकास करेगी: डॉ. निशंक

नयी दिल्ली, 04 दिसंबर (वार्ता) केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रतिभाओं की पहचान के साथ साथ इसका विकास और विस्तार भी किया जाएगा।



डॉ. निशंक ने आज यहाँ एनआईटी मेघालय के सातवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत का मतलब दीक्षा का अंत होना नहीं होता बल्कि सीखने-सिखाने की प्रक्रिया तो जीवन पर्यंत चलती रहती है। उन्होंने कहा कि दरअसल दीक्षांत के पश्चात ही छात्र की असली परीक्षा प्रारंभ होती है जब वह रोजगार के क्षेत्र में प्रवेश करता है जहां उसे संस्थानों में पाए सैद्धांतिक ज्ञान एवं अनुभवों का व्यवहारिक जीवन में उपयोग करना होता है।



केंद्रीय मंत्री ने एनआईटी मेघालय द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा की और कहा कि एनआईटी मेघालय अपनी स्थापना के बाद से ही निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। यह संस्थान विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहा है।



एनआईटी मेघालय द्वारा कोरोना संकट काल में किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी संस्थान की क्षमताओं की असली पहचान संकट के दौरान किये गये कार्यों द्वारा होती है। ऐसे में वैश्विक महामारी कोविड-19 के चुनौतीपूर्ण दौर में भी एनआईटी मेघालय ने डिजिटल क्लास रूम का तो निर्माण किया ही साथ में कैंपस में लगातार सोशल डिस्टेंसिंग तथा सैनिटाइजेशन प्रक्रिया को भी जारी रख अपनी क्षमताओं को साबित किया है।



केंद्रीय मंत्री ने जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाते हुए कहा कि सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने तथा प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा करने का एक वादा हमने वैश्विक समुदाय से किया है और इस वादे को पूरा करने में हमारे शिक्षण संस्थानों की भूमिका अहम होगी। मुझे बेहद हर्ष है कि एनआईटी मेघालय इस दिशा में भी पूर्ण सक्रियता से संलग्न है।



उन्होंने कहा, “इस वैश्वीकृत विश्व में वैश्विक मानसिक सोच के साथ हमारी यह नीति इंडियन, इंटरनेशनल, इंपैक्टफुल, इंटरएक्टिव और इंक्लूसिविटी के तत्वों को एक साथ समाहित करती है। इस शिक्षा नीति में प्रतिभाओं की पहचान तो होगी इसका विकास और विस्तार भी किया जाएगा।”



डॉ. निशंक ने कहा कि निश्चित रूप से यह नीति राष्ट्र के मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया औरआत्म निर्भर भारत के मिशन को साकार बनाने के लिए मानवीय मूल्यों के साथ ज्ञान विज्ञान अनुसंधान तकनीक तथा इनोवेशन को समाहित करते हुए भारत के विश्वगुरु बनने के संकल्प के में पथ प्रवर्तक साबित होगी।



इस अवसर पर एनआईटी मेघालय के बोर्ड ऑफ गर्वनर्स के अध्यक्ष सज्जन भजनका, संस्थान के निदेशक प्रो. बी.बी. बिस्वाल, बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स , सीनेट एवं फैकल्टी के सदस्य, विभिन्न विभागों के प्रमुख और छात्र-छात्राएं भी जुड़े।



आजाद जितेन्द्र

वार्ता

Loading...