sports news: ओलंपिक के लिए भारतीय हॉकी टीम का नियमित सदस्य बनने को लेकर आशान्वित हूं : हार्दिक सिंह

sports news: ओलंपिक के लिए भारतीय हॉकी टीम का नियमित सदस्य बनने को लेकर आशान्वित हूं : हार्दिक सिंह

sports news: बेंगलुरू,04 सितंबर (हि.स.)। भारतीय मिडफील्डर हार्दिक सिंह अगले साल टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा लेने वाली भारतीय हॉकी टीम में जगह बनाने के लेकर आशान्वित हैं।

 

21 वर्षीय हार्दिक ने सीनियर भारतीय टीम के लिए 37 मैच खेले हैं। उन्होंने एफआईएच मेन्स सीरीज़ फाइनल 2019 में भारतीय टीम के स्वर्ण पदक जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और वह उस भारतीय टीम का भी हिस्सा थे जिसने पिछले साल एफआईएच हॉकी ओलंपिक क्वालीफायर में रूस को हराया था।

 

 हार्दिक ने हॉकी इंडिया की एक विज्ञप्ति में कहा, "ओलंपिक तक आने वाले दिन हम सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण होने जा रहे हैं। मैं इस तथ्य को लेकर बहुत खुश हूं कि मैं एफआईएच हॉकी ओलंपिक क्वालीफायर में टीम के लिए प्रदर्शन कर सका। हालांकि, मैं और बेहतर खिलाड़ी बनने और ओलंपिक के लिए भारतीय टीम का नियमित सदस्य बनने के लिए संकल्पित हूं। मैं पिछले कुछ महीनों में अपनी क्षमता पर काम कर रहा हूं और मुझे यकीन है कि मेरी मेहनत एक दिन रंग लाएगी।" 

 

हार्दिक की आसान यात्रा नहीं रही है। पंजाब के जालंधर के पास खुसरोपुर गांव के मिडफील्डर ने 2017 में भारत के लिए खेलने की उम्मीद को छोड़ दिया था। 

 

उन्होंने कहा,"मैं 14 साल की उम्र में मोहाली हॉकी अकादमी में शामिल होने के बाद एक अच्छे स्तर पर उप-जूनियर स्तर से वरिष्ठ स्तर पर चला गया। हालांकि, कुछ वर्षों के बाद, मैंने खुद को एक ऐसी स्थिति में पाया, जहां मैंने आत्मविश्वास खो दिया।" 

 

उन्होंने आगे कहा,"मैंने 2017 में नीदरलैंड में जाने के बारे में सोचा था कि वहां क्लब हॉकी खेलूं। लेकिन तब मेरे चाचा जुगराज सिंह ने मुझे आश्वस्त किया कि मुझे कड़ी मेहनत करनी चाहिए और तभी मैं भारतीय टीम में एक नियमित खिलाड़ी बनूंगा। शुक्र है कि मेरी मेहनत काम आई और 2018 में हॉकी मेन्स वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में खेलने का मौका मिला।" 

 

 हार्दिक ने कहा कि वह भाग्यशाली हैं कि उन्हें मिडफील्ड में भारतीय टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह के साथ खेलने का मौका मिला। उन्होंने कहा,"हमारे पास मिडफील्ड में कुछ शानदार खिलाड़ी हैं जो सुनिश्चित करते हैं कि फॉरवर्ड और डिफेंडरों के बीच संवाद बरकरार है। हम फॉरवर्ड और डिफेंडरों के बीच पुल हैं और मैं भाग्यशाली हूं कि मनप्रीत सिंह जैसे किसी व्यक्ति के साथ खेल रहा हूं, जो मैदान पर अपना शत प्रतिशत देते हैं। वह पूरे मैदान को शानदार ढंग से कवर करते हैं और मुझे उम्मीद है कि मैं आगामी वर्षों में उनके जितना ही अच्छा हो सकता हूं।" 

 

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