दिल्ली के ई रिक्शा चालकों को न्याय दिलाने के लिए १४ मार्च को होगा मुख्यमंत्री आवास का घेराव

दिल्ली के ई रिक्शा चालकों को न्याय दिलाने के लिए १४ मार्च को होगा मुख्यमंत्री आवास का घेराव


      दिल्ली:  सरकार एक तरफ ई वाहन को बढ़ावा देने के लिए लाखों करोड़ों रुपए विज्ञापन पर खर्च कर रही है , किन्तु गरीब ई रिक्शा चालकों के साथ अन्याय और उत्पीड़न पर मौन रहकर अपनी जनविरोधी नीतियों को उजागर कर रही है । दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के खिलाफ दिल्ली के ई रिक्शा चालकों में गहरा आक्रोश पनप रहा है । अपने लिए न्याय की मांग को लेकर दिल्ली के हजारों ई रिक्शा चालकों द्वारा १४ मार्च को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा । यह जानकारी आज जारी बयान में अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने दिल्ली विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन पर विभिन्न ई रिक्शा चालकों से वार्ता करने के बाद दी । 
     रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने ई रिक्शा चालकों से वार्ता करने के बाद कहा कि दिल्ली के विभिन्न मार्गों को ई रिक्शा के लिए प्रतिबंधित किया गया है , जिससे इस समाज के लिए रोजी रोटी का गहरा संकट खड़ा हो गया है । प्रतिबंधित मार्ग पर चलने के लिए पुलिस को एक हजार रूपए से पंद्रह सौ रुपए महीना रिश्वत देनी पड़ती है , अन्यथा पुलिस द्वारा उनका बीस हजार रुपए का चालान काट दिया जाता है । एक साल तक कोविड और लॉकडॉउन में बेरोजगारी की मार झेलने के बाद अब प्रतिबंधित मार्ग और पुलिस के आर्थिक उत्पीड़न की मार झेलनी पड़ रही है ।
    रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि ई रिक्शा चालकों की समस्याओं पर आधारित एक मांग पत्र मानव अधिकार सुरक्षा संस्थान ( पंजीकृत ) द्वारा दिल्ली के मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल को गत सप्ताह सौंपा गया था , जिस पर आज दिन तक संज्ञान नहीं लिया गया है । अपने हितों की अनदेखी से आक्रोशित ई रिक्शा चालकों ने हजारों की संख्या में १४ मार्च को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का निर्णय लिया है । अखिल भारत हिन्दू महासभा ने ई रिक्शा चालकों की मांगो को समर्थन करते हुए उनके आंदोलन में शामिल होने और दिल्ली सरकार से दिल्ली के प्रत्येक मेट्रो स्टेशन पर ई रिक्शा पार्किंग बनाने का निर्णय लिया है । (राजेश मिश्र,  हिन्दू श्रमिक सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, वह भी उपस्थित थे।

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