शिक्षा का स्तर ऊँचा उठाने के लिए करने होंगे ईमानदारी भरे प्रयास- प्रिन्स कंसल

शिक्षा का स्तर ऊँचा उठाने के लिए करने होंगे ईमानदारी भरे प्रयास-  प्रिन्स कंसल

 इंडस्ट्रीज एन्ड ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन रजि0 के राष्ट्रीय महामंत्री और मेरठ खण्ड से MLC स्नातक प्रत्याशी प्रिन्स कंसल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदरणीय योगी आदित्य नाथ जी को उत्तर प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र में सुधार की माँग करते हुए पत्र लिखा है!
 पत्र में लिखा गया है कि हाल ही में निति आयोग,मानव संसाधन विकास मंत्रालय और विश्व बैंक ने संयुक्त रूप से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों हेतु स्कूली शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक (एस ई क्यू आई) जारी किया गया है!इस सूचकांक में केरल राज्य पहले स्थान पर है और इसी सूची में उत्तर प्रदेश सबसे निचले यानी अन्तिम पायदान पर है!निति आयोग की ओर से जारी इस सूची में देश के बीस बड़े राज्यों को शामिल किया गया है!जिनमें शीर्ष पहले तीन स्थानों पर क्रमश केरल पहले राजस्थान दूसरे और कर्नाटक तीसरे स्थान पर है,और इसी सूची में अन्तिम तीन स्थानों पर पंजाब 18वें जम्मू-कश्मीर 19वें और उत्तर प्रदेश अन्तिम यानी 20वें स्थान पर है!
एम एल सी प्रत्याशी प्रिन्स कंसल द्वारा पत्र में लिखित माँग की गई है कि प्रदेश में शिक्षा के स्तर में सुधार करने और स्कूली शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक में शीर्ष स्थान प्राप्त करने के लिए प्रदेश सरकार को ईमानदारी के साथ पर्याप्त सुधार और प्रयास करने होंगे!जैसे सरकारी स्कूलों में हो रहा शिक्षकों का शोषण बन्द करना होगा!
देखा गया है कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को अध्यापन कार्य करने के अलावा वोट बनवाने के लिए,पोलियो ड्रॉप पिलवाने के लिए,मतगणना तथा जनगणना जैसे कार्यों में लगा दिया जाता है,जिस कारण शिक्षकगण पूर्ण मनोयोग से बच्चों के भविष्य का निर्माण चाहकर भी नहीं कर पाते और इसी कारण से प्रदेश में स्कूली शिक्षा का स्तर न्यूनतम हो गया है!
प्रिन्स कंसल ने लिखा है कि किसी भी समाज का निर्माण करने में शिक्षक रूपी गुरुजनों का अहम् योगदान होता है किन्तु उत्तर प्रदेश में गुरु रूपी शिक्षकों का पूर्णतया शोषण किया जा रहा है जिस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए!साथ ही उपरोक्त महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों के लिए पढ़े लिखे युवाओं की भर्ती की जानी चाहिए!
अत: माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध और आशा है कि आप प्रदेश की शिक्षा नीति में पर्याप्त सुधार करके देश के भविष्य और गुरुरूपी शिक्षकों दोनों के हितों की रक्षा करने के लिए कार्य करेंगे!!

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